Bankipur By-Election: जन सुराज पार्टी ने दावा किया है कि बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने उन्हें आश्वासन दिया है कि Bankipur उपचुनाव में जीविका दीदी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य गैर-सरकारी या अर्ध-सरकारी कर्मियों को चुनाव ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा। पार्टी ने इन कर्मियों की तैनाती पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। यह जानकारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने सोमवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दी।
भारती ने बताया कि रविवार को पार्टी प्रतिनिधिमंडल और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बीच हुई बैठक में यह आश्वासन दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीविका दीदी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे कर्मियों को चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पटना के जिलाधिकारी को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि उपचुनाव के लिए किसी भी गैर-सरकारी या अर्ध-सरकारी कर्मचारी को प्रतिनियुक्त न किया जाए।






जन सुराज ने उठाई थी आपत्ति
जन सुराज पार्टी ने Bankipur उपचुनाव में जीविका दीदी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे कर्मियों की चुनाव ड्यूटी में तैनाती पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी। पार्टी का तर्क था कि ऐसे कर्मचारियों को चुनाव संबंधी कर्तव्यों से दूर रखा जाना चाहिए ताकि निष्पक्षता बनी रहे। मनोज भारती ने बताया कि इस संबंध में एक और जन सुराज प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिलाधिकारी से मिलने वाला था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के इस आश्वासन को पार्टी की मांग पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
आचार संहिता उल्लंघन के गंभीर आरोप
मनोज भारती ने भाजपा नेताओं पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में भाजपा नेता, जिनमें सांसद, विधायक और पूर्व विधायक शामिल हैं, अपने आधिकारिक सुरक्षाकर्मियों के साथ Bankipur विधानसभा क्षेत्र में मौजूद थे। भारती के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी वाहनों, सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
पार्टी ने चुनाव आयोग से इन कथित उल्लंघनों का संज्ञान लेने का आग्रह किया था। हालांकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक भाजपा और चुनाव आयोग ने इन विशिष्ट आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
प्रशांत किशोर की चेतावनी और आयोग का आश्वासन
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने बताया कि पार्टी ने पहले भी चुनाव आयोग को उपचुनाव को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने याद दिलाया कि Bankipur से पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाया था और 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। किशोर ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ, तो पार्टी चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेगी।
सौरभ के अनुसार, इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पार्टी को आश्वासन दिया कि Bankipur उपचुनाव के लिए गैर-सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तैनात नहीं किया जाएगा। इस संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के Bankipur विधानसभा प्रभारी रामबली चंद्रवंशी और पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना भी उपस्थित थे।
यह आश्वासन जन सुराज पार्टी के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का समाधान होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग के इस कदम से आगामी उपचुनाव में विवादों की संभावना कम हो सकती है और यह सुनिश्चित होगा कि सभी पक्षों को समान अवसर मिलें।








