Nepal Border Violence: नेपाल के सीमावर्ती सुनसरी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देवानगंज गांव के कप्तानगंज इलाके में बोलबम कांवरिया यात्रा पर जा रहे हिन्दू युवकों पर हुए हमले के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। इस हिंसक झड़प को नियंत्रित करने पहुंची सशस्त्र पुलिस द्वारा चलाई गई गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई है। मृतक की पहचान कप्तानगंज निवासी 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता के रूप में हुई है।
सुनसरी के डीएसपी चंद्र बहादुर खड्का ने जानकारी दी है कि गोली लगने से गंभीर रूप से घायल ओमप्रकाश मेहता को तुरंत विराटनगर स्थित न्यूरो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रविवार देर रात 11:50 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, दो समुदायों के बीच एक मामूली विवाद तेजी से हिंसक झड़प में बदल गया, जिसके बाद हालात काबू करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इस घटना में ओमप्रकाश मेहता की मौत के अलावा 10 अन्य लोग भी घायल हुए हैं।






नेपाल सीमा पर खूनी झड़प: बोलबम यात्रा में बवाल, पुलिस फायरिंग से युवक की मौत, 10 जख्मी
Bihar Nepal Border Conflict: नेपाल के सीमावर्ती सुनसरी जिले के कप्तानगंज में बोलबम कांवरिया यात्रा पर जा रहे हिन्दू युवकों पर हुए हमले के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। दो समुदायों के बीच बढ़े विवाद को नियंत्रित करने के लिए सशस्त्र पुलिस द्वारा चलाई गई गोली लगने से एक युवक की जान चली गई है। मृतक की पहचान 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता के रूप में हुई है, जो कप्तानगंज का ही निवासी था।
सुनसरी के डीएसपी चंद्र बहादुर खड्का ने बताया कि गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मेहता को इलाज के लिए विराटनगर स्थित न्यूरो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रविवार देर रात 11:50 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच शुरू हुआ एक मामूली विवाद जल्द ही उग्र झड़प और हिंसा में बदल गया, जिसके बाद बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इस हिंसक घटना में ओमप्रकाश मेहता के अलावा 10 अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
डीजे बजाने पर शुरू हुआ विवाद, हिंसा में बदला
घायलों का इलाज विराटनगर के न्यूरो, विराट नर्सिंग और नोबेल मेडिकल कॉलेज सहित कई अस्पतालों में चल रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, हालांकि उनकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सावन के सोमवार के अवसर पर ‘बोलबम’ यात्रा के लिए सप्तकोशी नदी की ओर जाने की तैयारी कर रहे हिन्दू युवाओं का एक समूह डीजे बजा रहा था। इसी दौरान, मुस्लिम समुदाय ने रात के समय तेज शोर और बाधा उत्पन्न होने का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। यह आपत्ति जल्द ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस में बदल गई।
घरों में आगजनी और वाहनों में तोड़फोड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई यह मामूली कहासुनी कुछ ही देर में नियंत्रण से बाहर हो गई। स्थिति बिगड़ने के बाद दोनों समुदायों के बीच मारपीट, आगजनी और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ शुरू हो गई। जब नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची, तब तक घरों, मेडिकल स्टोर और कई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी जारी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, इनरुवा स्थित जिला सुरक्षा समिति की देररात 1 बजे आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें तत्काल बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया।
सुनसरी पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण यूनिट को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और आगे की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद, फिर भड़की आग
घायलों का इलाज विराटनगर के न्यूरो, विराट नर्सिंग और नोबेल मेडिकल कॉलेज सहित कई अस्पतालों में चल रहा है। इनमें से कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, हालांकि अभी तक उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सावन के सोमवार के अवसर पर ‘बोलबम’ यात्रा के लिए हिन्दू युवाओं का एक समूह सप्तकोशी नदी की ओर जाने की तैयारी कर रहा था। इस दौरान वे डीजे बजा रहे थे।
मुस्लिम समुदाय ने रात के समय तेज शोर-शराबा और बाधा उत्पन्न होने का हवाला देते हुए इस पर आपत्ति जताई। यह आपत्ति जल्द ही तीखी बहस में बदल गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई यह मामूली कहासुनी कुछ ही देर में नियंत्रण से बाहर हो गई।
हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने उठाया सख्त कदम
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट, आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई। नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस की संयुक्त टीम जब घटनास्थल पर पहुंची, तब तक घरों, मेडिकल स्टोर और कई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की जा चुकी थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए, इनरुवा स्थित जिला सुरक्षा समिति की देररात 1 बजे एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें स्थिति को तुरंत नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करने का निर्णय लिया गया।
सुनसरी के डीएसपी चंद्र बहादुर खड्का ने बताया, ‘दोनों पक्षों के बीच का मामूली विवाद उग्र होकर झड़प और हिंसा में बदल गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गोली चलानी पड़ी।’
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। सुनसरी पुलिस ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण यूनिट को चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दिया गया है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।








