Bihar innovation: पटना: पटना ज्ञान भवन में आयोजित राज्य स्तरीय नवाचार प्रदर्शनी में दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय (DCE) के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने महाविद्यालय द्वारा विकसित किए गए तीन बेहतरीन तकनीकी नवाचारों की सराहना की। उन्होंने इन परियोजनाओं को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने और उनके शीघ्र पेटेंट के लिए प्रेरित किया, ताकि इनका लाभ बड़े पैमाने पर समाज और उद्योगों तक पहुँच सके।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में ‘All in One (AIO) Board’, ‘Drone X’ और ‘3D Printed Biomedical Models’ ने सभी का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने इन परियोजनाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ इन नवाचारों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।






तकनीकी नवाचारों को मिली सीएम की शाबाशी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय के तीनों नवाचारों को ‘उत्कृष्ट मॉडल’ बताया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकी आविष्कारों को उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और राष्ट्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को लगातार बढ़ावा देगी।

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘ये तकनीकी नवाचार, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा एवं राष्ट्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किए गए उत्कृष्ट मॉडल हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन परियोजनाओं को स्टार्टअप के रूप में विकसित किया जाए तथा इनके पेटेंट की प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ की जाए, जिससे इनका लाभ व्यापक स्तर पर समाज एवं उद्योगों तक पहुँच सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी तथा विद्यार्थियों एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।’
दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन प्रमुख आविष्कार
दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जिन तीन परियोजनाओं का प्रदर्शन किया, वे इस प्रकार हैं:
- All in One (AIO) Board: यह एक सिंगल पीसीबी आधारित रोबोटिक्स कंट्रोलर बोर्ड है। इसमें Arduino Nano, मोटर ड्राइवर और ब्लूटूथ मॉड्यूल एक ही बोर्ड पर एकीकृत हैं। यह रोबोटिक्स और ऑटोमेशन परियोजनाओं में जटिल वायरिंग की जरूरत को खत्म करता है, जिससे तेज, सरल और कम लागत वाले रोबोटिक सिस्टम बनाना आसान होता है। इसका उपयोग उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और ऑटोमेशन आधारित परियोजनाओं में किया जा सकता है।
- Drone X: यह एक कॉम्पैक्ट, फोल्डेबल और हाई-स्पीड ड्रोन है, जिसे तेजी से तैनाती के लिए बनाया गया है। इसका उपयोग सीमा सुरक्षा, रक्षा निगरानी, आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव (Search & Rescue) तथा निगरानी कार्यों में बहुत प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
- 3D Printed Biomedical Models: यह परियोजना आधुनिक 3D प्रिंटिंग और रिवर्स इंजीनियरिंग तकनीक पर आधारित है। इसके जरिए सीटी स्कैन और एमआरआई इमेज को मरीज-विशिष्ट 3D बायोमेडिकल मॉडल में बदला जाता है। साथ ही, कम लागत में प्रोस्थेटिक हैंड और एंकल सपोर्ट जैसे सहायक उपकरण भी बनाए जा सकते हैं। यह तकनीक चिकित्सा शिक्षा, सर्जिकल प्लानिंग, पुनर्वास और दिव्यांगजनों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
महाविद्यालय को गर्व, भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम के दौरान विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव ने भी तीनों परियोजनाओं की सराहना की। उन्होंने छात्र टीम को सम्मानित करने और नवाचारों को स्टार्टअप एवं पेटेंट के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने मुख्यमंत्री की सराहना को पूरे महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और प्रयोगशाला कर्मियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने कहा, ‘मुख्यमंत्री द्वारा हमारे विद्यार्थियों की तीनों परियोजनाओं की सराहना तथा उन्हें स्टार्टअप एवं पेटेंट के रूप में विकसित करने का सुझाव पूरे महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि हमारे विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं प्रयोगशाला कर्मियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। महाविद्यालय भविष्य में भी उत्पाद-आधारित शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देता रहेगा तथा बौद्धिक संपदा संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा।’
शारदा कुमारी, पुष्पलता, दीपाली कुमारी, मेहरुन निशा और सत्यम आनंद ने इन तीनों नवाचारों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। महाविद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों, मार्गदर्शक शिक्षकों एवं प्रयोगशाला कर्मियों को बधाई दी है। अब ‘All in One (AIO) Board’, ‘Drone X’ और ‘3D Printed Biomedical Models’ के पेटेंट, प्रोटोटाइप विकास और स्टार्टअप प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री की इस प्रशंसा और स्टार्टअप के प्रोत्साहन से महाविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साह कई गुना बढ़ गया है, जो बिहार में तकनीकी शिक्षा और नवाचार के भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है।









