Bihar Education: बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस नई पहल से अब विद्यार्थियों को अपनी अकादमिक और हॉस्टल संबंधी शिकायतें दर्ज कराने और उनका समयबद्ध निवारण पाने का एक सशक्त माध्यम मिल गया है। मुख्यमंत्री ने पटना के जे.डी. वीमेंस कॉलेज के सभागार में इस पोर्टल का उद्घाटन किया, जहाँ उन्होंने छात्रों से संवाद किया और उनकी अकादमिक गतिविधियों व चुनौतियों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पहल को राज्य की शिक्षा प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार का कोई भी छात्र अवसर की कमी के कारण पीछे न छूटे।
शिकायतों का 30 दिन में समाधान, ऑटोमेटेड नोटिस से बढ़ेगी जवाबदेही
नए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ के माध्यम से छात्र अपनी अकादमिक, हॉस्टल और अन्य संबंधित शिकायतों को ऑनलाइन किसी भी समय दर्ज करा सकते हैं। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क और गोपनीय है।
इसके अलावा, हेल्पलाइन 1100 छात्र सहायता शिविरों के बारे में जानकारी प्रदान करेगी। इस नई प्रणाली के तहत, यदि किसी शिकायत पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू नहीं होती है, तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा स्वचालित रूप से एक नोटिस जारी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत का समाधान पंजीकरण की तारीख से अधिकतम 30 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है, जिसकी सूचना आवेदक को लिखित रूप में दी जाएगी।
राज्य के शिक्षण संस्थानों में हर महीने के चौथे मंगलवार को छात्र सहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ छात्र सीधे अपनी समस्याएँ और सुझाव रख सकेंगे। ‘विद्यार्थी सहयोग अभियान’ 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और हॉस्टलों में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा सहायता शिविरों के माध्यम से प्राप्त 6.42 लाख आवेदनों में से 96% का पहले ही समाधान किया जा चुका है। नई स्वचालित जवाबदेही प्रणाली के तहत, यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो 11वें दिन पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 30 दिनों के बाद भी शिकायत अनसुलझी रहती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ा रहा बिहार, 211 नए डिग्री कॉलेज
मुख्यमंत्री चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बिहार के छात्रों को बेहतर शैक्षिक सुविधाओं की तलाश में राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं, और 342 बी.एड. कॉलेजों में डिग्री पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी दी गई है।सरकार उच्च शिक्षा को अधिक किफायती बनाने का भी प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा बताई गई पहल के तहत इंजीनियरिंग की शिक्षा 10 रुपये और पॉलिटेक्निक की शिक्षा 5 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि ‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत लगभग 18,000 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता मिल रही है।
छात्राओं के लिए विशेष पहल और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और लड़कियों के लिए शैक्षिक और आर्थिक अवसरों में सुधार के उद्देश्य से शुरू की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला। इनमें आंगनवाड़ी, पोषण और यूनिफॉर्म से संबंधित सहायता, साथ ही मैट्रिक, इंटरमीडिएट और स्नातक पूरा करने वाली लड़कियों के लिए प्रोत्साहन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहायता शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण और पंचायती राज संस्थानों व शहरी स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण ने महिलाओं की भागीदारी को काफी बढ़ाया है।सरकार 551 स्थानों पर मॉडल स्कूल प्रणाली विकसित कर रही है, जिसमें 534 ब्लॉक और प्रमुख शहर शामिल हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने बताया कि छात्रों को घर-आधारित शिक्षा के लिए लाइव शिक्षक सहायता प्रदान करने पर भी काम किया जा रहा है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार का बजट झारखंड से विभाजन के समय लगभग 6,000 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 3.47 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने राज्य की विकास आकांक्षाओं को पाटलिपुत्र, नालंदा, विक्रमशिला और आचार्य चाणक्य जैसी ऐतिहासिक बौद्धिक परंपराओं से जोड़ा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सामान्य प्रशासन सचिव मो. सुहैल, उच्च शिक्षा सचिव राजीव रोशन, युवा, रोजगार और कौशल विभाग के सचिव कौशल किशोर, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति उपेंद्र प्रसाद और जे.डी. वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या मीरा कुमारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह पोर्टल बिहार के छात्रों को अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखने का अवसर देगा, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें और राज्य के विकास में योगदान दे सकें। सरकार की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।








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