Madhubani News: बिहार के मधुबनी जिले में एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंडल कारा, रामपट्टी में बंद रौशन कुमार यादव की अचेत अवस्था में पाए जाने के बाद मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद जिला पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए जांच प्रक्रियाओं की जानकारी दी है। यह घटना 10 अगस्त 2026 को मंडल कारा के भीतर हुई थी, जिसकी सूचना तुरंत जेल अधीक्षक को मिली थी।
जेल अधीक्षक को सूचना मिलने के तुरंत बाद, मंडल कारा, रामपट्टी के कर्मचारियों द्वारा कैदी रौशन कुमार यादव को इलाज के लिए सदर अस्पताल, मधुबनी भेजा गया। हालांकि, डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में जिला पदाधिकारी के आदेश पर नियुक्त मजिस्ट्रेट द्वारा मृतक की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई है।
कैदी की मौत पर मधुबनी पुलिस का स्पष्टीकरण
मधुबनी पुलिस ने इस घटना पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि मंडल कारा के भीतर हुई इस घटना में जिला पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। जेल के अंदर केवल कारा प्रशासन के कर्मी मौजूद रहते हैं, जिला पुलिस नहीं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया गया है। घटना के 24 घंटे के भीतर NHRC को रिपोर्ट भेज दी गई थी और अब न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा भी इसकी जांच की जा रही है।
मृतक रौशन कुमार यादव का पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया गया था। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है, हालांकि अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। मजिस्ट्रेट द्वारा जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना के सभी पहलुओं को समझा जा सके।
NHRC और न्यायिक जांच का दायरा
इस मामले में राजनगर थाना में जेल अधीक्षक के लिखित आवेदन पर 11 अगस्त 2026 को यूडी कांड संख्या 13/26 दर्ज किया गया था। मजिस्ट्रेट द्वारा संपूर्ण जांच पूरी होने के बाद, जांच रिपोर्ट नियमानुसार NHRC के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन हो और पारदर्शिता बनी रहे।
रौशन कुमार यादव को 2 जून 2026 को रहिका थाना कांड संख्या 147/26, धारा 125 (1-बी) ए/26 आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था और 3 जून 2026 को उन्हें जेल भेजा गया था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 48 के तहत रौशन कुमार यादव की माता को उनकी गिरफ्तारी की लिखित जानकारी दी गई थी। गिरफ्तारी के समय पीएचसी रहिका के चिकित्सक द्वारा रौशन कुमार यादव को चिकित्सकीय रूप से फिट पाया गया था।
रौशन यादव का आपराधिक इतिहास
यह उल्लेखनीय है कि रौशन कुमार यादव को जेल भेजे जाने के 67 दिनों बाद यह दुखद घटना मंडल कारा में हुई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मृतक रौशन कुमार यादव पर कुल पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं।
| क्र.सं. | थाना | कांड संख्या | दिनांक | धाराएं |
|---|---|---|---|---|
| 01. | केवटी थाना (दरभंगा) | 174/25 | 10.07.2025 | 303 (2) BNS |
| 02. | औसी थाना | 44/25 | 12.07.2025 | 303 (2) BNS |
| 03. | रहिका थाना | 134/26 | 25.05.2026 | 109 (1) BNS एवं 27 आर्म्स एक्ट |
| 04. | रहिका थाना | 141/26 | 28.05.2026 | 126 (2) / 109 (1) BNS एवं 27 आर्म्स एक्ट |
| 05. | रहिका थाना | 147/26 | 02.06.2026 | 125 (1-बी) ए/26 आर्म्स एक्ट |
फिलहाल, पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट की विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इन रिपोर्टों के सामने आने के बाद ही कैदी रौशन कुमार यादव की मौत के कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जिला प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष और गहन जांच का आश्वासन दे रहा है।







