Bihar Rural Markets: बिहार के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने वाली है। राज्य में 725 ग्रामीण हाट बाजार बनाने की तैयारी तेज हो गई है, जिससे किसानों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। राजधानी बिहार में 17 अगस्त, सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद इन हाटों के निर्माण प्रक्रिया को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
बिहार में लगेंगे 725 नए हाट बाजार! मंत्री श्रवण कुमार का बड़ा फैसला, ग्रामीणों को मिलेगा सीधा फायदा
Bihar Rural Haat Bazaar: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में कुल 725 स्थानों पर ग्रामीण हाट बाजार बनाए जाएंगे। ग्रामीण विकास मंत्री सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला सोमवार को पटना में ग्रामीण विकास विभाग और नाबार्ड (NABARD) के बीच हुई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में लिया गया है।
मंत्री श्रवण कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए हाट बाजारों के निर्माण के लिए चिन्हित स्थलों की समीक्षा करने के बाद निर्माण कार्य को गति देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन हाटों को विकसित करने के लिए तीन अलग-अलग मॉडल को अंतिम अनुमति मिली है, जिससे पूरे राज्य में एकरूपता बनी रहेगी।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, “ग्रामीण हाट बनाने के लिए चिन्हित किए गए स्थलों की समुचित तरीके से समीक्षा करने के बाद इनमें निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। इन हाट को विकसित करने के लिए तीन तरह के मॉडल को अंतिम रूप से अनुमति प्रदान की गई है। इसमें एक मॉडल 20 डिसमिल क्षेत्र वाला है, दूसरा 50 डिसमिल और तीसरा 1 एकड़ क्षेत्रफल वाला है। इनके आधार पर ही हाट को विकसित किए जाएंगे। इससे इनमें एकरूपता बनी रहेगी।”
किस मॉडल पर बनेंगे Bihar Rural Haat Bazaar?
ग्रामीण हाट बाजारों के लिए तीन मानक मॉडल निर्धारित किए गए हैं। पहला मॉडल 20 डिसमिल क्षेत्रफल का होगा, दूसरा 50 डिसमिल और तीसरा सबसे बड़ा मॉडल 1 एकड़ क्षेत्रफल वाला होगा। इन मॉडलों के आधार पर ही सभी हाटों का निर्माण किया जाएगा। पहले चरण में नाबार्ड की वित्तीय सहभागिता से 20 से 49 डिसमिल के एक-एक ग्रामीण हाट के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
सभी जिलों को गूगल शीट जारी, नाबार्ड की होगी वित्तीय सहभागिता
मंत्री श्रवण कुमार ने सभी जिलों को जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि स्थानों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए एक गूगल शीट जारी की गई है। नाबार्ड इस परियोजना में वित्तीय भागीदार होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल न केवल स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
इन ग्रामीण हाट बाजारों के बनने से छोटे किसानों, कारीगरों और स्थानीय विक्रेताओं को अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का मंच मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह योजना बिहार के ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
725 स्थानों पर बनेंगे आधुनिक ग्रामीण हाट बाजार
ग्रामीण विकास विभाग और नाबार्ड (NABARD) के बीच हुई एक समीक्षा बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के अभिसरण पर चर्चा करना था। मंत्री श्रवण कुमार ने इस मौके पर कहा कि बिहार में कुल 725 जगहों को ग्रामीण हाट बाजार के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने इन स्थलों की समुचित समीक्षा के बाद जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।
तीन मॉडल, एकरूपता और नाबार्ड का सहयोग
इन ग्रामीण हाटों को विकसित करने के लिए तीन अलग-अलग मॉडल को अंतिम रूप दिया गया है, ताकि पूरे राज्य में एकरूपता बनी रहे। ये मॉडल 20 डिसमिल, 50 डिसमिल और 1 एकड़ क्षेत्रफल वाले होंगे। नाबार्ड की वित्तीय साझेदारी से पहले चरण में 20 से 49 डिसमिल क्षेत्रफल वाले एक-एक ग्रामीण हाट का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने सभी जिलों को इन स्थानों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए एक गूगल शीट जारी करने का भी निर्देश दिया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की बिक्री और खरीद को सुगम बनाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बिहार सरकार की यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण और विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी, जिससे लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।







