बिहार बनेगा नया एविएशन हब, 6 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है। मगर, दरभंगा एयरपोर्ट का हाल यह है, यात्रियों की जेब कतरनी हो रही। 18 अप्रैल 23 को जेडीयू के कद्दावर नेता संजय झा ने हवाई किराए में जबरदस्त मनमानी और किराया को लेकर आवाज उठाई मगर तीन साल बाद भी हालात जस के तस है।

Darbhanga Airport: छठ और दीपावली के बाद दरभंगा एयरपोर्ट से वापसी करने वालों की जेब पर भारी बोझ पड़ा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों के लिए हवाई किराए में जबरदस्त उछाल आया है, जिसने यात्रियों को चिंता में डाल दिया है। त्योहारों पर घर लौटे नौकरीपेशा, कारोबारी और छात्रों के लिए अब वापस लौटना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
बिहार बनेगा नया एविएशन हब, 6 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना!
राज्य में सोनपुर, अजगैबीनाथ धाम, मुजफ्फरपुर, वीरपुर, वाल्मीकिनगर और सहरसा में 6 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है।
इनमें सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव है। यह जानकारी देते मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया है कि बहुत जल्द
इसके साथ ही विमान मरम्मत एवं रखरखाव के लिए MRO सुविधाएं, युवाओं के लिए पायलट ट्रेनिंग सेंटर और FTO स्थापित करने की योजना है। KPMG India Services LLP बिहार के लिए एविएशन विजन और पॉलिसी तैयार करेगी।
मगर, स्लोगन नई उड़ान, नए अवसर — विकसित बिहार! का नारा जेबकतरी में गुम है। पढ़िए दरभंगा का हाल
सीमित उड़ानें और यात्रियों की बढ़ती मांग, इन शहरों के लिए हवाई टिकटों को आसमान पर पहुंचा रही है। खासकर मुंबई जैसे शहर के लिए तो किराया 27 हजार रुपये के आंकड़े को भी पार कर गया है, जिससे आम यात्रियों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है।
मुंबई वापसी के लिए चुकाने पड़ रहे 27 हजार रुपये
आंकड़ों के अनुसार, त्योहारों के तुरंत बाद 16 से 25 नवंबर के बीच दरभंगा से मुंबई जाने के लिए स्पाइसजेट का किराया 15,711 रुपये से 27,003 रुपये तक पहुंच गया है। अकासा एयर का टिकट 9,181 रुपये से 21,265 रुपये और इंडिगो का किराया 15,062 रुपये से 20,521 रुपये के बीच मिल रहा है। यह बढ़ोतरी यात्रियों के लिए बड़ा झटका है।
वहीं, मुंबई से दरभंगा वापसी के लिए भी यात्रियों को अच्छी-खासी रकम चुकानी पड़ रही है। इस रूट पर स्पाइसजेट का किराया 9,000 से 10,000 रुपये, इंडिगो का 10,000 से 11,000 रुपये और अकासा एयर का किराया करीब 9,000 रुपये के आसपास बना हुआ है।
सीमित उड़ानें और बढ़ती मांग: किराए में उछाल की मुख्य वजह
दरभंगा एयरपोर्ट से सीमित संख्या में उड़ानें संचालित होती हैं, जबकि दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के बाद यात्रियों की संख्या में अचानक भारी वृद्धि हो जाती है। मांग और आपूर्ति के इस असंतुलन के कारण हवाई किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर उन नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने कार्यस्थल या शिक्षण संस्थानों में समय पर लौटना है।
इस अप्रत्याशित किराया वृद्धि ने कई यात्रियों के बजट को बिगाड़ दिया है। त्योहारों का उत्साह अब वापसी की महंगी यात्रा के कारण चिंता में बदल गया है, और फिलहाल इस स्थिति में कोई तत्काल सुधार होता नहीं दिख रहा है। यात्रियों को अपनी जेब ढीली कर ही वापस लौटना पड़ रहा है।








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