Bihar Firecracker Storage: बिहार के सीवान जिले में अवैध पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट की भयावह गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि राजधानी पटना में एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। पटना जंक्शन से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित न्यू मार्केट में बिना वैध लाइसेंस के भारी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण उजागर हुआ है। अग्निशमन विभाग की छापेमारी में लगभग 8 से 10 दुकानों में पटाखों का बड़ा स्टॉक मिला, लेकिन किसी भी दुकानदार के पास बिक्री या भंडारण से संबंधित आवश्यक अनुमति नहीं थी।

यह स्थिति इसलिए भी ज्यादा गंभीर है क्योंकि जिस इलाके में ये पटाखे रखे गए हैं, वहां प्रतिदिन हजारों लोगों की भीड़ रहती है। एक तरफ बिहार का सबसे व्यस्त पटना जंक्शन है, जहां दिनभर यात्रियों का तांता लगा रहता है, तो दूसरी तरफ प्रसिद्ध महावीर मंदिर है, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थान पर जरा सी चूक भी एक बड़े और विनाशकारी हादसे को जन्म दे सकती है।

सीवान हादसे से भी नहीं सीखा कोई सबक?
हाल ही में सीवान जिले के जामो थाना क्षेत्र स्थित आलमपुर गांव में हुए पटाखा विस्फोट ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया था। एक मकान में आग लगने के बाद लगातार हुए धमाकों से आसपास के कई मकान भी उसकी चपेट में आ गए थे। विस्फोट इतना भीषण था कि राहत एवं बचाव कार्यों में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, आलमपुर गांव में वर्षों से घरों में ही पटाखों का निर्माण होता रहा है। इस हादसे ने रिहायशी इलाकों में पटाखा निर्माण और भंडारण की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
ऐसे में, राज्य की राजधानी पटना के एक भीड़भाड़ वाले इलाके में बिना लाइसेंस पटाखों का इतना बड़ा भंडारण मिलना बेहद चिंताजनक है और यह दर्शाता है कि पिछले हादसे से कोई सबक नहीं लिया गया है।
हजारों यात्रियों और श्रद्धालुओं की जान दांव पर
मंगलवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने न्यू मार्केट इलाके में औचक छापेमारी की। इस जांच के दौरान कई दुकानों में बड़ी मात्रा में पटाखे पाए गए। हालांकि, किसी भी दुकानदार ने भंडारण या बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज पेश नहीं किए। न्यू मार्केट पटना शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक है, जहां संकरी गलियां, घनी आबादी और दिनभर लोगों की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे घने इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का भंडारण सुरक्षा विशेषज्ञों को भी गहरी चिंता में डाल रहा है।
पटना जंक्शन बिहार का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है, जहां हर दिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं। इसके ठीक सामने स्थित महावीर मंदिर में भी रोजाना बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। त्योहारों के मौसम में तो यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। यदि ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में आगजनी या विस्फोट जैसी कोई घटना होती है, तो इसका असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़ी संख्या में आम लोगों की जान और माल को गंभीर खतरा हो सकता है। इसी वजह से बिना लाइसेंस पटाखा भंडारण का यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अग्निशमन विभाग की कार्रवाई और आगे क्या?
अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी लोदीपुर अजीत कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने इन दुकानों का निरीक्षण किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि कई दुकानों में पटाखों का भंडारण किया गया था, लेकिन इसके लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।
अग्निशमन विभाग अब संबंधित दुकानदारों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद अनिवार्य है। ज्वलनशील सामग्री से भरे गोदाम या दुकान में एक छोटी सी शॉर्ट सर्किट, चिंगारी या मामूली लापरवाही भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सीवान में हुए विस्फोट ने यह दिखा दिया है कि अवैध पटाखा कारोबार कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकता है। पटना जंक्शन और महावीर मंदिर जैसे अतिसंवेदनशील इलाके में बिना लाइसेंस पटाखों का भंडारण प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जिस पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है।







