Darbhanga Graduate Constituency: बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के घोषित उम्मीदवार रविंद्र कुमार यादव ने टिकट वापस लिए जाने के बाद पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव लड़ने के लिए 5 से 7 करोड़ रुपये का बजट बताया गया था, जो किसी आम कार्यकर्ता के लिए संभव नहीं है। इस ‘अन्याय’ से आहत रविंद्र यादव ने अब निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
जन सुराज पार्टी ने पहले रविंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन नामांकन शुरू होने से ठीक एक दिन पहले उनका टिकट काटकर डॉ. इम्तियाज नूरानी को दे दिया। इस फैसले ने पार्टी के भीतर ही बगावत के सुर तेज कर दिए हैं।
जन सुराज पर रविंद्र यादव के गंभीर आरोप
रविंद्र यादव ने जन सुराज पार्टी पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने खुद को जन सुराज से चुनाव लड़ने में असमर्थ पाया क्योंकि उनके साथ पिछले एक साल से काम कर रहे लोग असहज महसूस कर रहे थे। उनके मतदाताओं में भी असमंजस की स्थिति थी।
रविंद्र यादव ने कहा, “सभी लोग उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए कह रहे थे। इसलिए अब वह निर्दलीय ही चुनाव लड़ेंगे। जन सुराज की ओर से चुनाव लड़ने के लिए 5 से 7 करोड़ रुपये का बजट बताया गया था। यह आम कार्यकर्ता के लिए संभव नहीं है। जन सुराज आम कार्यकर्ता के लिए नहीं है और उनके साथ अन्याय हुआ है।”
रविंद्र यादव के अनुसार, पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए एक भारी-भरकम बजट की शर्त रखी थी, जिसे पूरा कर पाना उनके जैसे आम कार्यकर्ता के बस की बात नहीं थी।
जेडीयू छोड़कर जन सुराज में आए थे रविंद्र यादव
यह भी गौर करने वाली बात है कि रविंद्र यादव पहले जदयू में प्रदेश महासचिव के पद पर थे। उन्होंने अचानक जदयू छोड़कर जन सुराज की सदस्यता ग्रहण की थी। पार्टी ने 20 सितंबर को उन्हें दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि, इस घोषणा के ठीक आठ दिन बाद, 28 सितंबर को उनकी जगह मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड के रहने वाले डॉ. इम्तियाज नूरानी को नया प्रत्याशी बना दिया गया। जन सुराज की ओर से उम्मीदवार बदलने की कोई आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।
‘पैसे के दम पर नहीं, संघर्ष से जीतेंगे चुनाव’
टिकट वापस लिए जाने के बाद रविंद्र यादव ने जन सुराज पर अन्याय का आरोप लगाते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया। उन्होंने दावा किया कि दरभंगा के स्नातक मतदाता उनके साथ खड़े हैं।
रविंद्र यादव ने जोर देकर कहा, “वह स्नातक मतदाताओं के साथ मिलकर यह साबित करेंगे कि केवल पैसे के दम पर चुनाव नहीं लड़े जाते हैं। स्नातकों के बीच रहकर उनकी आवाज बनकर संघर्ष करने वाले उम्मीदवार भी चुनाव जीत सकते हैं।”
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष गहरा सकता है। रविंद्र यादव का निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी समीकरणों पर सीधा असर डालेगा, और यह जन सुराज पार्टी के लिए एक नई चुनौती पेश करेगा।







