Darbhanga Murder Case: दरभंगा सिविल कोर्ट ने आम तोड़ने के मामूली विवाद में हुई हत्या के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग्यारह, रंजन कुमार मिश्रा की अदालत ने पिता-पुत्र को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में दोनों दोषियों पर कुल 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस निर्णय से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और समाज में कड़ा संदेश गया है।
आम तोड़ने का विवाद बना हत्या की वजह, कोर्ट ने सुनाया फैसला
यह पूरा मामला मनीगाछी थाना क्षेत्र के वाजितपुर गांव का है। 2 जून 2021 को आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद के बाद मो. सलाउद्दीन की रॉड से मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई फखरुद्दीन नद्दाफ के लिखित आवेदन पर मनीगाछी थाना में कांड संख्या 128/21 दर्ज किया गया था, जिसमें कुल 13 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।






विचारण के दौरान, अदालत ने 17 दिसंबर 2021 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए। अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलें पेश करने के लिए न्यायालय में डॉक्टर सहित कुल 6 गवाहों की गवाही कराई। अपर लोक अभियोजक अरुण कुमार सिंह ने इस मामले में पूरी मुस्तैदी से पैरवी की, जिसमें अधिवक्ता रानी सिंह ने भी सहयोग किया। न्यायालय ने मनीगाछी थानाकांड सं. 128/21 से बने सत्र वाद सं. 275/21 की सुनवाई पूरी करने के बाद गत 14 जुलाई को ही असरफ नद्दाफ और मो. अकबर नद्दाफ (पिता-पुत्र) को विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया था।

इन धाराओं में मिली कठोर सजा, जानिए पूरी डिटेल
सोमवार को दोषियों की सजा की अवधि तय करने के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश रंजन कुमार मिश्रा ने अपना अंतिम निर्णय सुनाया। अदालत ने अभिलेख पर मौजूद साक्ष्यों का गहन परिशीलन किया।
| धारा (IPC Section) | सजा (Punishment) | अर्थदंड (Fine) |
|---|---|---|
| 302/149 | आजीवन सश्रम कारावास | 40,000 रुपये |
| 307 | 7 वर्ष | 30,000 रुपये |
| 324 | 2 वर्ष | 5,000 रुपये |
| 147 | 1 वर्ष | |
| 148 | 1 वर्ष | |
| 323 | 6 माह | |
| 342 | 6 माह | |
| 447 | 3 माह |
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभियुक्तों की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यह कठोर फैसला अपराध पर लगाम लगाने और कानून के शासन को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2021 से काराधीन थे दोषी, अब काटेंगे उम्रकैद की सजा
दोनों अभियुक्त असरफ नद्दाफ और मो. अकबर नद्दाफ 6 अप्रैल 2021 से ही काराधीन हैं। अब उन्हें अदालत के इस फैसले के बाद आजीवन कारावास की सजा काटनी होगी। इस मामले में त्वरित सुनवाई और न्याय का यह उदाहरण दरभंगा न्यायिक प्रणाली की सक्रियता को दर्शाता है।









