Darbhanga Crime News: बिहार के दरभंगा जिले में ‘बाल कटवा कांड’ का खौफ गहराता जा रहा है। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार और गोविंदपुर गांवों में पिछले 11 दिनों से लगातार हो रही रहस्यमय घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। पुलिस अब तक इन वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे लोग दहशत में हैं और अपनी सुरक्षा के लिए खुद रातभर जागकर गश्त कर रहे हैं।
पुलिस ने इस मामले में पहले तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन कोई सफलता न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया। अब एक और व्यक्ति से पूछताछ चल रही है, हालांकि पुलिस इस संबंध में कोई जानकारी साझा करने से बच रही है।






लगातार वारदातें, पुलिस के हाथ खाली
इन गांवों में बाल काटने और लूटपाट की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया है।

- पहली घटना: 9 जुलाई 2026, बृहस्पतिवार को डरहार गांव के डॉक्टर पवन कुमार मिश्र के घर में लुटेरे घुस गए। उन्होंने 35 हजार रुपये नकद और पांच लाख रुपये के आभूषण लूट लिए। वारदात के दौरान घर की एक महिला के बाल भी काट दिए गए।
- दूसरी घटना: ठीक सात दिन बाद, बृहस्पतिवार को ही निजी स्कूल के शिक्षक सुमन कुमार चौधरी के घर में घुसकर उनकी बेटी के बाल काट दिए गए। अपराधी पर्स में रखे 1000 रुपये लेकर फरार हो गए।
- तीसरी घटना का प्रयास: शनिवार की रात गोविंदपुर गांव के किराना दुकानदार प्रशांत कुमार चौधरी उर्फ बबलू चौधरी के घर में घुसने की कोशिश की गई। हालांकि, घर के लोग जाग गए थे, जिससे अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। बबलू चौधरी की बड़ी बेटी ने अपनी मां और बहन को आवाज दी, और मां के आने पर घर में घुसे व्यक्ति को देखते ही वह बेहोश हो गई। परिवार के सदस्यों ने किसी तरह उसे कमरे में खींच लिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी मशक्कत के बाद उसे होश में लाया जा सका।
इन सभी घटनाओं में अपराधी काले कपड़े पहनकर आते हैं, जिससे उनकी पहचान करना और भी मुश्किल हो जाता है।
रातभर जाग रहे ग्रामीण, पुलिस के साथ कर रहे गश्त
पुलिस की निष्क्रियता और लगातार हो रही वारदातों से परेशान होकर डरहार और गोविंदपुर गांवों के लगभग 70-80 लोग अब खुद ही रातभर जागकर गश्त कर रहे हैं। वे पुलिस के साथ मिलकर ‘रतजगा’ कर रहे हैं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। डरहार गांव के डॉक्टर पवन कुमार मिश्र ने तो लूट की घटना के बाद अपने घर के अगल-बगल सीसीटीवी कैमरे भी लगवा लिए हैं, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एसएसपी ने दिए निर्देश, फिर भी नहीं मिली सफलता
एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद पुलिस को कई निर्देश दिए थे। इन घटनाओं को सुलझाने के लिए एफएसएल की टीम, टेक्निकल सेल की टीम और डॉग स्क्वॉड टीम को भी लगाया गया है। हालांकि, इतने दिनों बाद भी इन विशेष टीमों को कोई सफलता नहीं मिली है और अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
ग्रामीणों में व्याप्त भय और पुलिस की अब तक की नाकामी ने स्थानीय प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इन रहस्यमय ‘बाल कटवा’ अपराधियों को पकड़कर क्षेत्र में शांति बहाल की जाएगी।









