बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। प्रखंड के पोखराम उत्तरी पंचायत में 14वीं वित्त आयोग मद् से निर्माण किया गया पीसीसी सड़क में काफी अनियमितता बरतने जाने का खुलासा लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता अजय कुमार की ओर से किए गए सुनवाई से हुई है।
यह मामला आर ईओ सड़क से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक पीसीसी सड़क निर्माण से संबंधित है। जिसमें संतोष कुमार चौधरी के द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था।






इसके विरुद्ध परिवादी संतोष कुमार चौधरी ने आपत्ति आवेदन दिया गया जिसमें उल्लेख है कि वर्ष 2017-18 मे पोखराम मे आर ईओ से अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र तक पीसीसी सड़क का निर्माण पंचायत के द्वारा किया गया जिसका योजना संख्या -1/17-18 प्राक्कलित राशि 11 लाख 78 हजार 900 रूपये जिसमें प्राक्कलन के अनुसार 500 फीट का निर्माण करने का प्रावधान है लेकिन मापीपुस्त इससे भिन्न है।
उक्त किये गए पीसीसी सड़क पर अगले 5 वर्षों तक कोई दुसरा पीसीसी सड़क निर्माण सरकारी नियमानुसार नहीं करना है।सरकारी राशि गबन करने के उद्देश्य से पुनः वर्ष 2018-19 ण योजना संख्या-01/17-18 पर वर्ष 2018-19 मे उक्त सड़क का निर्माण पार्ट -2 योजना संख्या-2प्राक्कलित राशि 6लाख45हजार300 रूपये जिसका प्राक्कलन के अनुसार पीसीसी सड़क की लंबाई 272 फीट है। उक्त योजना का गलत तरीके से प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति कराके सरकारी राशि का गबन किया गया है।
जांच प्रतिवेदन मे मंदिर परिसर मे ढ़लाई का उल्लेख किया गया है वह मनरेगा से भी पोखराम मुख्य सड़क से दुर्गा स्थान तक वर्ष 2017-18मे कार्य दिखाया गया है तथा पुनः नाम बदलकर पोखराम दुर्गा मंदिर से मुख्य सड़क तक बांध निर्माण कराया जो वर्ष2019-20का है।
उपरोक्त योजना धरातल पर नहीं है। बीडीओ एवं जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने अपने प्रतिवेदन मे योजना संख्या-1को प्राक्कलन राशि एवं मापीपुस्त के अनुसार स्थल पर कार्य के आलोक में संतोषप्रद होने का उल्लेख किया है। परन्तु योजना का नाम पार्ट -2 के बारे मे कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने सुनवाई में कहा है कि प्रथम दृष्टया परिवादी के दावे की सत्यता को प्रमाणित करना बताया है। उन्होंने परिवाद मे योजना का नाम पार्ट-2 (आर ईओ मुख्य सड़क से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पीसीसी सड़क निर्माण ) के बिंदु पर प्रथम दृष्टया राशि वसूली एवं संबंधितों पर नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करने का निर्देश जिला पंचायती राज पदाधिकारी को दिया है।साथ ही वरीय पदाधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराने को कहा है।








