Jale News: बिहार के जाले अनुमंडल अंतर्गत सहसपुर पंचायत के घोघराहा गांव में एक सरकारी पुलिया पर अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। इस अतिक्रमण के कारण मानसून के दौरान क्षेत्र में भीषण जलजमाव की आशंका बढ़ गई है, जिससे परेशान ग्रामीणों ने स्थानीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह पुलिया सीतामढ़ी से मधुबनी जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित है और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि तथा आसपास की बस्तियों के लिए पानी निकासी का एकमात्र साधन है।
ग्रामीणों ने सीओ, बीडीओ और ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को सामूहिक हस्ताक्षर वाला आवेदन सौंपा है। इस शिकायत में बताया गया है कि चंदौना निवासी राम कृपाल महतो, जो स्व. शिवराम महतो के पुत्र हैं, ने कथित तौर पर पुलिया के दोनों ओर ईंट की दीवार खड़ी कर इसे अवैध तरीके से घेर लिया है। इस कदम से पानी का प्राकृतिक बहाव अवरुद्ध होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।



मानसून में बढ़ेगी परेशानी, घरों और खेतों में डूबेगा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, घोघराहा गांव की यह सरकारी पुलिया बारिश के मौसम में बस्ती और खेतों से पानी निकालने का मुख्य मार्ग है। यदि निकासी का यह रास्ता बंद हो जाता है, तो आसपास के घरों और विशाल कृषि भूमि में जलजमाव की भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसका सीधा असर किसानों की फसलों और आम जनजीवन पर पड़ेगा। यह समस्या हर साल मानसून में और विकराल रूप ले लेती है, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि ‘पानी के स्वाभाविक बहाव में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है’ और ‘निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने पर आसपास के घरों और कृषि भूमि में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।’
अधिकारियों से स्थल जांच और अतिक्रमण हटाने की मांग
समस्या की गंभीरता को देखते हुए, गोलू कुमार, अमन कुमार, आशु राम, संजय झा, मुकेश झा, किशोरी पासवान, मिथिलेश ठाकुर सहित कई अन्य ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने अधिकारियों से स्थल पर आकर जांच करने, पुलिया को अतिक्रमण से मुक्त कराने और पानी की निकासी को तुरंत बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा और समय रहते उचित कदम उठाएगा, ताकि आगामी बारिश में उन्हें जलजमाव की त्रासदी से बचाया जा सके।







