Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मजुरहा गांव में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सादे लिबास में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने कथित तौर पर नकली पुलिस समझ लिया। लोगों के बीच यह बात फैल गई कि दोनों पुलिसकर्मी वसूली कर रहे हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और किसी तरह दोनों पुलिसकर्मियों को भीड़ से निकालकर सुरक्षित बचाया।
नकली पुलिस समझकर की पिटाई
बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मी सादे लिबास में ग्रामीण इलाके में पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों को उनके व्यवहार पर संदेह हुआ। लोगों को लगा कि ये नकली पुलिसकर्मी हैं और पुलिस के नाम पर पैसे की वसूली कर रहे हैं। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और विवाद इतना बढ़ गया कि लोगों ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद डायल-112 की टीम ने तत्काल कार्रवाई की और दोनों को भीड़ के चंगुल से बाहर निकाला।
पुलिसकर्मियों पर वसूली के गंभीर आरोप
इस मामले में रोहित कुमार समेत एक अन्य पुलिस जवान का नाम सामने आ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सादे लिबास में पुलिस की गाड़ी पर सवार होकर कुछ लोग गांवों में जाते हैं और पुलिस के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते हैं। मजुरहा के वार्ड पार्षद पति राकेश सिंह और कई अन्य स्थानीय लोगों ने भी वसूली के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों में कई लोगों से पैसे लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित वसूली के मामले में रघुनाथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी कि ग्रामीणों ने असली पुलिसकर्मियों को ही नकली समझ लिया। सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और उन पर लगे कथित वसूली के आरोपों ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और पूरे मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों पुलिसकर्मी गांव में किस उद्देश्य से पहुंचे थे और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए वसूली के आरोपों में कितनी सच्चाई है। पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों द्वारा की गई मारपीट भी कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला है। इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की कार्यशैली और कथित वसूली को लेकर लोगों में नाराजगी साफ देखी जा रही है।







