Ramgarh News: बिहार के रामगढ़ जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की कमी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने इस गंभीर समस्या को उठाते हुए सरकार के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि रामगढ़ में लगभग 18 से 20 हाई स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से काफी कम है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
रामगढ़ में 18 से 20 हाई स्कूल प्रभावित
सांसद सुधाकर सिंह ने आदर्श बालिका +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामगढ़ में आयोजित विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए कई विद्यालयों में स्थानीय स्तर पर निजी शिक्षकों की व्यवस्था की गई थी। अब इन वैकल्पिक रूप से रखे गए निजी शिक्षकों को भी हटाने की बात सामने आ रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।



सुधाकर सिंह ने कहा, “बिहार की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की कमी कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन रामगढ़ के कई हाई स्कूल लंबे समय से इस चुनौती का सामना कर रहे हैं। यदि सरकारी स्तर पर पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, तो बच्चों को पढ़ाने के लिए बनाई गई वैकल्पिक व्यवस्था को खत्म करने का कारण स्पष्ट होना चाहिए। निजी शिक्षकों को हटाने से उन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा।”
निजी शिक्षकों को हटाने का फैसला और बच्चों का भविष्य
राजद सांसद ने इस फैसले पर सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब शिक्षकों की आवश्यकता है, तब वैकल्पिक तौर पर पढ़ा रहे शिक्षकों को हटाने का निर्णय क्यों लिया जा रहा है। उन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों और ग्रामीणों से इस मुद्दे पर आगे आने की अपील भी की। सिंह ने जोर देकर कहा कि शिक्षा से जुड़ा यह सवाल केवल विद्यालय या शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध बच्चों के भविष्य से है।
गरीब बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर
सुधाकर सिंह ने बताया कि पढ़ाई का उचित अवसर नहीं मिलने पर विद्यार्थियों के लिए आगे रोजगार और प्रतियोगिता के क्षेत्र में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। आर्थिक रूप से सक्षम परिवार अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ा सकते हैं, लेकिन कम आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए सरकारी विद्यालय ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का असर सबसे अधिक इन्हीं परिवारों पर पड़ता है।
यह मुद्दा केवल रामगढ़ तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे बिहार की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को दर्शाता है। सांसद सुधाकर सिंह ने इस मामले पर सरकार से ठोस कदम उठाने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है, ताकि शिक्षा के अधिकार से कोई बच्चा वंचित न रहे।







