Tej Pratap Yadav: जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने मोबाइल नंबर से कथित धमकी और ब्लैकमेलिंग के मामले में बिहार की सम्राट सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया कि उन्हें और उनसे जुड़े कई लोगों को एक खास मोबाइल नंबर (7520322647) से लगातार धमकियां और ब्लैकमेलिंग की शिकायतें मिल रही हैं।
धमकियों से परेशान, प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
तेज प्रताप यादव ने बताया कि जनशक्ति जनता दल के लिए सक्रिय रूप से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस मामले में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी कथित रूप से धमकाने का प्रयास किया गया है। उनके अनुसार, धमकी देने वाले लोग वीडियो प्रसारित कर कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए, तेज प्रताप यादव ने प्रशासन की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगाया है। उन्होंने कहा कि संबंधित मोबाइल नंबर को लेकर वह पहले भी सार्वजनिक मंचों पर अपनी बात रख चुके हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया, यह बड़ा सवाल है।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच और निष्पक्षता की मांग
तेज प्रताप यादव ने सरकार और प्रशासन से इस मोबाइल नंबर के पीछे मौजूद व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करने की मांग की है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि संबंधित व्यक्ति को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण तो नहीं मिला हुआ है, जिसके कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में हो रही यह देरी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि वह बिना जांच के किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। उनके मुताबिक, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कौन कर रहा था और कथित धमकी तथा ब्लैकमेलिंग के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा, “हम धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और पार्टी से जुड़े हर व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।”
जेजेडी अध्यक्ष ने प्रशासन और जांच एजेंसियों से डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कराने की अपील की है। उन्होंने जोर दिया कि इस नंबर से जुड़े कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड की विधिसम्मत तरीके से जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक उपयोगकर्ता की पहचान हो सके। तेज प्रताप यादव ने दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। उनका मानना है कि किसी भी कार्यकर्ता या सहयोगी को डराने की कोशिश को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।







