दरभंगा, देशज टाइम्स। सर्वजन दवा सेवन अभियान जिले के शहरी क्षेत्र सहित हायाघाट, कुशेश्वरस्थान पूर्वी एवं बेनीपुर प्रखंड में चलाया जाएगा। वहीं, एमडीए अभियान को लेकर तैयार माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है।
वहीं, इससे पहले सिविल सर्जन कार्यालय से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए जागरूकता रथ को सिविल सर्जन डॉ.अनिल कुमार व डीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।






यह दवा गर्भवती महिलाओं, दो साल से छोटे बच्चों व गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को छोड़कर सभी को खाना है।
इस प्रकार करना है दवा का सेवन फाइलेरिया उन्मूलन सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में 02 वर्ष से 05 वर्ष के बच्चों को डीईसी तथा एल्बेंडाजोल की एक गोली, 06 वर्ष से 14 वर्ष तक के बालकों को डीईसी की दो तथा एल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन तथा एल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी।
आइवरमेक्टिन की टैबलेट 05 वर्ष से ऊपर के लोगों को उनकी ऊंचाई के अनुसार खिलाई जाएगी, लोगों की ओर से इन दवाओं का सेवन आंगनवाड़ी सेविका या आशा की उपस्थिति में करना है।
जानकारी के अनुसार, फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर लोगों में जागृति लाने के लिये वाहन का संचालन सहयोगी संस्था पीसीआई की ओर से किया जा रहा है। जो अगले 10 दिनों तक शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करेगा। इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि 20 सितंबर से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम शुरू होने वाला है, इसे लेकर जागरूकता रथ रवाना किया गया है।
इसका उद्देश्य फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रचार-प्रसार करना और लोगों को इसकी जानकारी देना है, उन्होंने सहयोगी संस्था के इस पहल की सराहना की। डीएमओ डॉ. ए.के. मिश्रा ने कहा कि आइडीए अभियान आगामी 20 से शुरू किया जायेगा, इसके तहत लोगों को ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर की ओर से घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव के लिये दवा का अपने सामने सेवन कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया की दवा को कभी भी खाली पेट नहीं खाना है,बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है जो किसी भी उम्र में हो सकता है। इससे बचाव के लिये इस अभियान की शुरूआत की जा रही है।
इस अवसर पर फाइलेरिया इंस्पेक्टर गणेश महासेठ, पीसीआई डिस्ट्रीक्ट कोऑर्डिनेटर अजय कुमार मिश्रा, एसएमसी अमित कुमार, पीरामल से मनीष कुमार, यूनिसेफ के शशिकांत सिंह, भास्कर कुमार, अंकित कुमार आदि उपस्थित थे।
इधर, दरभंगा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत सभी एएनएम को परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आईयुसीडी (IUCD) की सेवा प्रदान करने के लिए डॉ. रौनक ने प्रशिक्षण दिया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पीएसआई इंडिया के सहयोग से किया गया। अब शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी (IUCD) अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण की सेवा प्रदान किया जाएगा।








