बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि यूपी चुनाव में मुकेश सहनी का चुनाव लड़ने का यह परिणाम है कि बोचहां से भाजपा का उम्मीदवार घोषित किया गया है।
Bihar Cabinet: 5 नए विश्वविद्यालय, AI मिशन, 1 लाख करोड़ की टाउनशिप, शिक्षकों के ट्रांसफर नियम… बिहार कैबिनेट के 47 बड़े फैसले..अभी पढ़ें
गया जिला के महकार स्थित अपने पैतृक आवास पर बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा की मुकेश सहनी ने जब यूपी में चुनाव लड़ने की घोषणा की थी तो उन्हें जो आशंका थी।






उसी आशंका को देखते हुए मुकेश सहनी से यूपी में चुनाव लड़ने की घोषणा पर बात किया था तो मुकेश सहनी ने बताया था कि वो तो भाजपा के मदद के लिए लड़ रहे है।शायद भाजपा की ओर से इंतजार कर रहे थे कि कोई रिक्वेस्ट करेंगे लेकिन ऐसा हुआ नही और उन्हें असफलता मिली।
बोचहां विधानसभा उपचुनाव में बेबी कुमारी भाजपा प्रत्याशी घोषित होने की बात पर उन्होंने कहा कि परंपरा रही है कि जिस पार्टी के प्रतिनिधि रहे हैं तो उसी पार्टी का गठबंधन प्रत्याशी होता है। या मृतक जनप्रतिनिधि के परिजनों में से ही किसी को प्रत्याशी बनाने की परंपरा रही है।
उस मान्य परंपरा को भाजपा ने तोड़कर दूसरे को उम्मीदवार बनाया है तो यह भाजपा का अंदरूनी मामला है।शायद यूपी चुनाव से दोनों के बीच कटुता बढ़ी है। उसी का परिणाम बोचहां में दिखा है। अब मुकेश सहनी किसके साथ जाते हैं। वह आगे की बात है। अब मुकेश सहनी ने अपनी पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। क्या परिणाम होगा?
उन्होंने कहा कि देखना है कि भाजपा अब मुकेश सहनी को अपने साथ रखेगी या नहीं? यह सब अंदरूनी मामला है।अगर मंत्री बने है तो राजनीति में किसी न किसी से मदद लेकर हीं आगे कोई बढ़ता है।
उन्होंने बताया कि एनडीए में कोई खटपट नही है। एनडीए में मेजर पार्टी भाजपा है।अगर भाजपा ने जो यह फैसला मुकेश सहनी पर लिया है इससे एनडीए के सभी पार्टी उनके साथ रहेंगे।
द कश्मीर फाइल्स फ़िल्म पर
उन्होंने कहा की किसी की सुरक्षा या त्रासदी को दिखाया जाता है।कश्मीर के ब्राह्मणों को हटाया गया है यह सभी लोग जानते है उन्हें मुआवजा भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी देश व बिहार में संवैधानिक अधिकारों से वंचित किये जा रहे है खासकर दलित व महादलितो की क्या स्थिति है यह एक त्रासदी है।अगर इस पर फिल्माकंन कर दिखाते तो शायद कुछ सुधार होता। फिल्में बनी भी हैं जिस पर रोक लगा दी गई है तो ऐसा नही होना चाहिए।
बताया कि कथित रूप से लोग कहते है की यह वही लोग है जिनका सम्बन्ध उग्रवादियों से है तो यह जांच का विषय है।लेकिन ऐसा सुनने में आया है।कश्मीरी पंडितों के घावों को पुनः कुरेदा जा रहा है। अब कुछ एक्शन हुआ है तो रिएक्शन भी होगा।








