Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चल रहे मतदान के बीच एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। पटना के जक्कनपुर इलाके से जदयू के निष्कासित नेता छोटू सिंह को हिरासत में लिया गया है।
इस अचानक हुई कार्रवाई से बिहार के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है, जबकि कई जगहों पर मतदान के दौरान झड़पें और आचार संहिता उल्लंघन के मामले भी सामने आए हैं।
एसटीएफ और सेल की टीम ने पटना के करबिगहिया के पास छोटू सिंह को डिटेन किया है। मतदान के बीच हुई इस कार्रवाई ने चुनाव प्रक्रिया में नया मोड़ ला दिया है।
बिहार MLC चुनाव के बीच बड़ी खबर
छोटू सिंह को पुलिस ने उठाया, अनंत सिंह ने वीडियो कॉल पर की बातचीत!
बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर वोटिंग के बीच बड़ी खबर सामने आई है। JDU के पूर्व नेता छोटू सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस बीच मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने छोटू सिंह से वीडियो कॉल पर बातचीत की। पुलिस की कार्रवाई और अनंत सिंह की वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
बिहार MLC चुनाव के बीच बड़ा बवाल: अनंत सिंह के करीबी को पुलिस ने उठाया, फिर थाने में हुई विधायक से बात!
Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव में शुक्रवार सुबह 8 बजे से वोटिंग जारी है। इसी गहमागहमी के बीच मोकामा विधायक बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह के करीबी और जेडीयू के पूर्व नेता छोटू सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस छोटू सिंह को करबिगहिया से डिटेन कर सीधे जक्कनपुर थाने ले गई। इस घटना ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद छोटू सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उन्हें जानबूझकर पकड़ा है और बेवजह थाने में बिठाकर रखा है। छोटू सिंह के मुताबिक, वह अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले उनका एक ऑडियो मैसेज भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्रशासन ने उन्हें घेर लिया है और उठा लिया है।
छोटू सिंह ने आरोप लगाया, ‘पुलिस ने उन्हें जानबूझकर पकड़ा है और थाने में रखे हुए है।’
छोटू सिंह को जब पुलिस थाने में बिठाई हुई थी, तभी मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने उन्हें वीडियो कॉल किया। यह घटना शुक्रवार को मतदान के बीच कई तरह की गतिविधियों को सामने ला रही है, जिससे चुनाव के दौरान तनाव का माहौल बना हुआ है।
छोटू सिंह पर क्यों हुई कार्रवाई?
छोटू सिंह जेडीयू के पूर्व नेता रहे हैं और अनंत सिंह के समर्थक माने जाते हैं। उन्हें दल विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया था। जानकारी के अनुसार, उन्हें जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की नई टीम में जगह नहीं मिली थी, जिसके बाद छोटू सिंह बगावती तेवर दिखाने लगे थे।
प्रदेश पदाधिकारी नहीं बनाए जाने से नाराज छोटू सिंह की पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा से तीखी बहस और हंगामा भी हुआ था। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें आधिकारिक कार्यक्रमों और जेडीयू कार्यालय में मंत्रियों की जनसुनवाई में बैठने से भी मना कर दिया था। इसके बाद ही उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह पर भड़के नीरज कुमार! बोले- ‘अड़ने वाले हैं, गिरने वाले नहीं’
Patna MLC Election: पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जारी बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच सियासी पारा गरमा गया है। जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने मतदान के दिन मोकामा पहुंचकर अपनी जीत का दावा किया और बाहुबली विधायक अनंत सिंह के विरोध पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे विरोधियों के हमलों से पीछे हटने वाले नहीं हैं, बल्कि ‘अड़ने वाले हैं, गिरने वाले नहीं’। यह बयान ऐसे समय आया है जब Patna MLC Election में दोनों नेताओं के बीच तनातनी चरम पर है।
नीरज कुमार ने मोकामा में भरी हुंकार
मोकामा स्थित परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद नीरज कुमार ने अपनी मातृभूमि पर वोट डालने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि तमाम विरोधों के बावजूद न वे किसी को डराते हैं और न किसी से घबराते हैं। उनके अनुसार, जिस तरह सूर्य का उदय निश्चित है, उसी तरह एनडीए उम्मीदवार के तौर पर उनकी चौथी जीत भी तय है।
अनंत सिंह पर नीरज कुमार का तंज
नीरज कुमार ने अनंत सिंह के मुखर विरोध पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ‘स्टार प्रचारक’ की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि उनके पास मतदान करने की योग्यता ही नहीं है। नीरज कुमार ने कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया कि भारतीय नागरिक होने के नाते अनंत सिंह बाहर निकले हैं या नहीं, यह भी देखने वाली बात है।
अनंत सिंह के करीबी छोटू सिंह हिरासत में
इस चुनावी गहमागहमी के बीच एक और खबर सामने आई है। पुलिस ने अनंत सिंह के करीबी माने जाने वाले छोटू सिंह को हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चल रही राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा दिया है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। मतदान के दिन नीरज कुमार का यह आत्मविश्वास और अनंत सिंह पर उनका सीधा हमला, आने वाले नतीजों को लेकर उत्सुकता बढ़ा रहा है।
मोकामा में सियासी हलचल तेज
एमएलसी चुनाव के दौरान मोकामा में भी सियासी हलचल तेज है। खबर है कि अनंत सिंह और नीरज के समर्थकों के बीच भिड़ंत भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया है। छोटू सिंह की गिरफ्तारी और अनंत सिंह का थाने में वीडियो कॉल जैसी घटनाओं ने चुनाव के माहौल को और गरमा दिया है। पुलिस का कहना है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं।
छोटू सिंह को हिरासत में लिए जाने की खबर ऐसे समय आई है, जब राज्य भर में विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों के लिए शुक्रवार सुबह आठ बजे से वोटिंग जारी है। कुल 933 मतदान केंद्रों पर 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इनमें 3,86,199 पुरुष, 1,46,611 महिलाएं और 37 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
मतदान के बीच सियासी झड़पें और आचार संहिता उल्लंघन
मतदान प्रक्रिया के दौरान कई जगहों पर राजनीतिक तनाव देखने को मिला है। मोकामा में मतदान शुरू होते ही जदयू और जन सुराज पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। अनंत सिंह के समर्थक राजेश सिंह और नीरज कुमार के समर्थक राहुल रंजन के बीच हुई बहस ने तनाव बढ़ा दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
वहीं, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के बीच जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी आफाक अहमद के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। पार्टी के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर जारी एक पोस्ट को लेकर यह कार्रवाई की गई, जिसमें शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने और आफाक अहमद को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की गई थी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और मतदान का हाल
निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। मुजफ्फरपुर में डीएम कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने अनुमंडल पश्चिमी कार्यालय स्थित मतदान केंद्र का निरीक्षण कर मतदान प्रक्रिया का जायजा लिया। दियारा क्षेत्रों में निगरानी के लिए छह अश्वारोही ट्रूप तैनात किए गए हैं। सभी मतदान भवनों में स्टैटिक मजिस्ट्रेट और मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन या अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पटना जिला प्रशासन ने 42 फ्लाइंग स्क्वायड टीम, 11 जोनल दंडाधिकारी और छह सुपर जोनल दंडाधिकारी भी तैनात किए हैं।
मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित है। सारण जिले में 20 मतदान केंद्रों पर व्यवस्था की गई है, जहां 10,748 शिक्षक मतदाता 18 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। शिवहर जिले में शिक्षक व स्नातक चुनाव के लिए छह-छह बूथों पर मतदान जारी है, हालांकि सुबह दस बजे तक मतदाताओं की उदासीनता दिखी। स्नातक चुनाव में 6.60 प्रतिशत और शिक्षक चुनाव में 21.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। डुमरी कटसरी में शिक्षक चुनाव के लिए शुरुआती दो घंटे में एक भी वोट नहीं पड़ा था।
कुल 150 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जिनमें 90 प्रत्याशी स्नातक कोटे की चार सीटों के लिए और 60 प्रत्याशी शिक्षक कोटे की सीटों के लिए हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 4,92,594 मतदाता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 40,253 मतदाता पंजीकृत हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वही नागरिक मतदान करते हैं, जिन्होंने कम से कम तीन वर्ष पूर्व स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो और फॉर्म-19 भरा हो।
मतदान जारी रहने के साथ, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर रख रही हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। इन घटनाओं के बाद चुनावी माहौल में और गहमागहमी बढ़ने की उम्मीद है।








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