मुख्य बातें
उद्भेदन : बाइक चोर गिरोह का पुलिस ने किया उद्भेदन
लूट के 9 बाइक के साथ गिरोह के 7 लोग गिरफ्तार
फुलपरास डीएसपी ने प्रेस वार्ता में किया मामले का खुलासा
फोटो :प्रेस वार्ता में जानकारी देते फुलपरास डीएसपी प्रभात कुमार शर्मा
फुलपरास, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। अनुमंडल मुख्यालय थाना परिसर में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभात कुमार शर्मा ने प्रेस वार्ता कर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने का दावा करते हुए बताया कि अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न गांव से 10 मोटरसाइकिल के साथ 7 संलिप्त लोगों को गिरफ्तार किया गया है।






उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल चोर गिरोह सक्रिय हो गये हैं जो इधर के मोटरसाईकिल को दूसरे ग्रुप को बेचने के लिए देता था और वहां के मोटरसाईकिल से यहां के गिरोह द्वारा बेचा जाता है। सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक टीम बनाई गई थी जिसका नेतृत्व फुलपरास थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष मनोज कुमार को बनाया गया।
इसमें थानाध्यक्ष घोघराडीहा सर्वेश कुमार झा, खुटौना थानाध्यक्ष धनंजय कुमार,लौकही थानाध्यक्ष संतोष कुमार मंडल,नरहिया ओपी प्रभारी सुनील कुमार झा एवं लौकही थानाध्यक्ष सुरेंद्र पासवान को पुलिस पदाधिकारी के रूप में शामिल किया गया था।
इन लोगों के द्वारा छापेमारी कर सांगी गांव से एक मोटरसाईकिल , एक ऑल्टो कार बरामद की गई और एक अभियुक्त मुरारी कुमार मंडल को गिरफ्तार किया गया। जिससे पूछताछ करने एवं वैज्ञानिक पद्धति से जांच करने के बाद कई लोगों का नाम सामने आया।
जहां अलग-अलग छापेमारी कर मोटरसाईकिल बरामद किया गया। जिसमें रूपेश कुमार महाराज ग्राम सांगी के घर से एक अपाचे, रामानंद पासवान पैंता निवासी के घर से ग्लैमर,कृष्ण कुमार यादव फुलपरास निवासी के दरवाजे से काले रंग का ग्लैमर, मो. अरमान सिसवा बरही निवासी के घर से पैशन प्रो, मो. नुनू पीपराही के घर से पल्सर,देवन यादव सांगी निवासी के घर से पैशन प्रो. महादेवा चौक पर लावारिस हालत में एक काले रंग का ग्लैमर बरामद किया गया है।
डीएसपी ने बताया कि इस मोटरसाईकिल संलिप्तता में मुरारी कुमार मंडल सांगी,रूपेश कुमार महाराज सांगी,लक्ष्मी यादव,शैलेंद्र कुमार सिमरा, रामानंद पासवान पैंता, कृष्ण कुमार फुलपरास,मोहम्मद अरमान सिसवा बरही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
डीएसपी प्रभात कुमार शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में कोई भी अजनबी व्यक्ति संदिग्ध स्थिति में बाइक या अन्य वाहनों पर सवार मिले तो इसकी सूचना अविलंब पुलिस को दें ताकि समय रहते पुलिस ऐसे अवांछित तत्वों को गिरफ्तार कर कार्रवाई कर उन्हें जेल के अंदर बंद करें।








