मुजफ्फरपुर | साइबर अपराधियों ने शहर के सरस्वती नगर, भगवानपुर रेवा रोड निवासी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को ठगी का शिकार बना लिया। शातिरों ने उन्हें ऑनलाइन रेटिंग के नाम पर फंसाकर करीब 7.72 लाख रुपये हड़प लिए।
कैसे हुई ठगी? घर बैठे कमा सकते हैं इतने
पीड़ित सॉफ्टवेयर इंजीनियर जयपुर की एक निजी कंपनी से जुड़े हैं और वर्क फ्रॉम होम करते हैं।
- Advertisement -11 अप्रैल को उन्हें व्हाट्सएप कॉल आई, कॉल करने वाले ने खुद को एक बड़ी कंपनी का एचआर बताया।
- Advertisement -इंजीनियर को झांसा दिया गया कि वह घर बैठे 15 से 20 हजार रुपये मासिक कमा सकते हैं।
शुरुआत में होटल की ऑनलाइन रेटिंग का काम दिया गया और खाते में करीब 15 हजार रुपये भेजे गए।
इसके बाद लगातार छोटे-छोटे निवेश टार्गेट दिए गए और हर बार अधिक मुनाफे का झांसा दिया गया।
पैसे निकालने के प्रयास पर और बड़े टार्गेट पूरे करने का दबाव बनाया गया।
Real Time Debit! करीबी रिश्तेदारों से कर्ज लेकर भी किया निवेश
इंजीनियर ने 26 बार में कुल 7,72,980 रुपये जमा कराए।
करीब एक दर्जन से अधिक बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए, जो उत्तर प्रदेश, कोलकाता और अन्य राज्यों के हैं।
खाते में आते ही ठगों ने रियल टाइम निकासी कर ली।
अधिक मुनाफे के लालच में इंजीनियर ने करीबी रिश्तेदारों से कर्ज लेकर भी निवेश किया, अब रकम लौटाना मुश्किल हो गया है।
साइबर थानेदार हिमांशु कुमार ने बताया –
पीड़ित की शिकायत पर मुजफ्फरपुर साइबर थाना में एफआईआर दर्ज हुई।
साइबर थानेदार हिमांशु कुमार ने बताया कि मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने अब तक 12 से अधिक बैंक खातों को चिह्नित किया है, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे।







