Bihar Student Protest: बिहार के दरभंगा में बुधवार को एक छात्र के मोबाइल टावर पर चढ़ने से हड़कंप मच गया। डीएमसीएच नर्सिंग कॉलेज के बीएससी नर्सिंग की परीक्षा से वंचित किए जाने के विरोध में छात्र ने यह कदम उठाया। यह घटना करीब 4 घंटे तक चली, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पूर्वी चंपारण जिले के निवासी छात्र धनंजय पांडेय के इस कदम ने कॉलेज प्रशासन और पुलिस को सकते में डाल दिया।
Bihar Cabinet: 5 नए विश्वविद्यालय, AI मिशन, 1 लाख करोड़ की टाउनशिप, शिक्षकों के ट्रांसफर नियम… बिहार कैबिनेट के 47 बड़े फैसले..अभी पढ़ें
मोबाइल टावर पर चढ़ा छात्र, 4 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा
डीएमसीएच परिसर स्थित ट्रामा सेंटर के पीछे एक मोबाइल टावर पर चढ़े छात्र धनंजय पांडेय को देखकर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। परीक्षा में शामिल नहीं होने दिए जाने के विरोध में उसने यह नाटकीय प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही बेंता थाना, कोतवाली थाना और लहेरियासराय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने छात्र को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं था। फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी भी बुलाई गई, ताकि सीढ़ी के सहारे उसे सुरक्षित उतारा जा सके।






परीक्षा से वंचित करने और रिश्वत मांगने का आरोप
धनंजय पांडेय डीएमसी नर्सिंग कॉलेज के सातवें सेमेस्टर का छात्र है। उसका आरोप है कि उसे बुधवार को होने वाली परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि उसने पहले ही कॉलेज प्रशासन को माफीनामा सौंप दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परीक्षा से वंचित किए जाने से आक्रोशित छात्र टावर पर चढ़ गया और वहीं से अपनी मांगों को लेकर विरोध जताने लगा। छात्रों ने यह भी बताया कि धनंजय को कथित अभद्र व्यवहार के आरोप में 10 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था, जिसके कारण वह निर्धारित परीक्षा में शामिल नहीं हो सका।
छात्र धनंजय पांडेय ने प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “परीक्षा में शामिल करने के नाम पर मुझसे ₹12000 मांगे गए। वर्ष 2022-26 बैच के छात्रों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार किया जाता है और मुझे जानबूझकर परीक्षा से वंचित करने की कोशिश की जा रही है।”
इस बीच, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य भवानी भारती भी घटनास्थल पर पहुंचीं और छात्र को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने छात्र के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
प्राचार्य भवानी भारती ने कहा, “छात्र के विरुद्ध अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार के कारण कार्रवाई की गई थी। रुपए के लेनदेन के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।”
जिलाधिकारी और अधीक्षक के हस्तक्षेप से खत्म हुआ गतिरोध
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी छात्र को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। किसी व्यक्ति ने जिलाधिकारी कौशल कुमार का मोबाइल नंबर छात्र को दिया। छात्र ने जिलाधिकारी से बात की, जिसके बाद जिलाधिकारी ने उससे आकर मिलने और अपनी समस्या बताने को कहा। करीब 4 घंटे तक तेज धूप में टावर पर मौजूद छात्र की सुरक्षा को लेकर सभी चिंतित थे। काफी समझाने और मान-मनौवल के बाद छात्र सुरक्षित नीचे उतर आया। डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने छात्र को आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाकर उसे परीक्षा में शामिल किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद छात्र छात्रावास लौट गया। धनंजय ने अधीक्षक से दूसरे मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरण करने का भी अनुरोध किया है।








