Kusheshwarasthan News: बिहार के कुशेश्वरस्थान में शिवगंगा घाट स्थित कबीरकुटी के प्रतिष्ठित महंथ छोटेलाल दास के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मंगलवार की शाम डीएमसीएच में उन्होंने अंतिम सांस ली। बुधवार को वैदिक रीति-रिवाज और संत परंपरा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को कबीरकुटी परिसर में ही समाधि दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में शिष्यों, श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जिससे पूरा वातावरण गमगीन बना रहा।
पूरा जीवन धर्म और समाज सेवा को समर्पित
महंथ छोटेलाल दास लगभग 15 वर्ष की आयु से ही कुशेश्वरस्थान शिवगंगा घाट स्थित कबीरकुटी में साधना, पूजा-पाठ और विभिन्न धार्मिक गतिविधियों में संलग्न थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक सेवा, धर्म प्रचार और समाज कल्याण के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी सादगीपूर्ण जीवनशैली, मधुर व्यवहार और धर्म के प्रति अटूट योगदान के कारण उन्हें क्षेत्र में विशेष सम्मान प्राप्त था। उनके निधन को अनुयायियों और क्षेत्रवासियों ने एक अपूरणीय क्षति बताया है।






21 जून को बिगड़ी थी तबीयत, डीएमसीएच में हुआ निधन
जानकारी के अनुसार, 21 जून की रात महंथ छोटेलाल दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उन्हें डीएमसीएच रेफर कर दिया था, जहां मंगलवार की शाम उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही बाजार क्षेत्र सहित दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में शिष्य, श्रद्धालु और शुभचिंतक कबीरकुटी पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अंतिम दर्शन करने लगे। श्रद्धालुओं ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।








