Araria News: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी रंग लाई है। नेपाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पांच आरोपियों को अररिया जिले की फुलकाहा थाना पुलिस ने दबोच लिया। ये सभी आरोपी नेपाल पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए भारतीय सीमा में घुसने की फिराक में थे। फुलकाहा बॉर्डर पर पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में इन्हें पकड़ा गया और भारत-नेपाल सुरक्षा समन्वय के तहत नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया।
नेपाल के सुनसरी जिले की दीवानगंज गांवपालिका में 26 जुलाई को एक हिंसक घटना हुई थी, जिसके बाद से जिला प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी थी। इसी बढ़ी हुई चौकसी का परिणाम रहा कि भारतीय क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश कर रहे हिंसा के पांचों आरोपियों को फुलकाहा थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने धर दबोचा।






अररिया बॉर्डर पर पकड़े गए नेपाल के 5 दंगाई, भारत-नेपाल सुरक्षाबलों ने मिलकर की बड़ी कार्रवाई
Bihar Nepal Border: बिहार के अररिया जिले से लगी भारत-नेपाल सीमा पर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नेपाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पांच मुख्य आरोपी भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें फुलकाहा थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने 09 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। इन सभी को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत सुरक्षा समन्वय को दर्शाता है।
नेपाल में हुई थी हिंसक वारदात
यह घटना नेपाल के सुनसरी जिले के दीवानगंज गांवपालिका से जुड़ी है। यहां 26 जुलाई को सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी, जिसके बाद स्थानीय जिला प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी थी। हिंसा में शामिल पांच आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भारतीय सीमा में प्रवेश का प्रयास कर रहे थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
सीमा पर चौकसी का दिखा असर
फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि नेपाल की घटना के बाद से सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त की जा रही थी। इसी सघन गश्त के दौरान पांच संदिग्ध आरोपियों को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते वक्त पकड़ा गया।
विकास कुमार मौर्य ने कहा, “नेपाल में हुई घटना के बाद सीमा पर लगातार गश्त की जा रही है। इसी दौरान पांच संदिग्ध आरोपित भारतीय क्षेत्र में प्रवेश का प्रयास करते पकड़े गए।”
एसएसबी 56वीं बटालियन की आई समवाय फुलकाहा के प्रभारी सहायक सेनानायक राणा कुमार ने बताया कि खुली सीमा होने के बावजूद जवान दिन-रात निगरानी कर रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी कड़ी में इन पांचों आरोपियों को बॉर्डर पर दबोचा गया।
राणा कुमार ने कहा, “खुली सीमा को देखते हुए एसएसबी जवान दिन-रात निगरानी कर रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर है और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। जिस कड़ी में बॉर्डर पर पांचों आरोपितों को पकड़ा गया।”
नेपाल पुलिस कर रही है गहन पूछताछ
नेपाल के सुनसरी स्थित दीवानगंज थाना प्रभारी प्रकाश पराजुल ने पुष्टि की है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सौंपे गए इन पांचों आरोपियों से नेपाल में गहन पूछताछ जारी है। उन्होंने बताया कि इस हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है। पराजुल ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से भी नेपाल में प्रवेश करने वाले संदिग्धों की शिनाख्त कर उन्हें सुपुर्द करने के लिए सहयोग की अपील की है। यह घटना भारत और नेपाल के बीच सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में आपसी सहयोग की अहमियत को रेखांकित करती है।
सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी का नतीजा
फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि नेपाल में हुई घटना के बाद से ही सीमा पर लगातार गश्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी गश्त के दौरान पांच संदिग्ध आरोपी भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास करते पकड़े गए। एसएसबी 56वीं बटालियन की आई समवाय फुलकाहा के प्रभारी सहायक सेनानायक राणा कुमार ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि खुली सीमा को देखते हुए एसएसबी जवान दिन-रात निगरानी कर रहे हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है और ड्रोन का इस्तेमाल कर भी निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में बॉर्डर पर पांचों आरोपियों को पकड़ा गया।
भारत-नेपाल सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय
नेपाल के सुनसरी स्थित दीवानगंज थाना प्रभारी प्रकाश पराजुल ने बताया कि पकड़े गए पांचों आरोपियों से नेपाल में गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। नेपाल पुलिस ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से सहयोग की अपील की है, ताकि नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें नेपाल के सुपुर्द किया जा सके। यह संयुक्त कार्रवाई दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय को दर्शाती है और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहायक है।








