Purnia Airport: पूर्णिया एयरपोर्ट को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने लगभग 294 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए टर्मिनल भवन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह परियोजना सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए हवाई यात्रा को पूरी तरह बदल देगी, उन्हें वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी।
प्रस्तावित टर्मिनल भवन लगभग 20,250 वर्गमीटर के विशाल इलाके में दो मंजिला बनाया जाएगा। इसका लक्ष्य यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करना है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।






यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
एयरपोर्ट निदेशक के अनुसार, नए टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें कई अत्याधुनिक फीचर्स शामिल होंगे:
- 3 एयरोब्रिज
- 16 चेक-इन काउंटर
- अत्याधुनिक पार्किंग व्यवस्था
- बेहतर सुरक्षा प्रणाली
सबसे खास बात यह है कि डिपार्चर की व्यवस्था ऊपरी मंजिल से की जाएगी, जिससे यात्रियों को सुगम अनुभव मिलेगा। नया एप्रन तैयार होने के बाद एक साथ 5 विमान खड़े किए जा सकेंगे, जो एयरपोर्ट की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा।
पटना या बागडोगरा जाने की मजबूरी होगी खत्म
कुछ साल पहले तक पूर्णिया और सीमांचल के लोगों के लिए हवाई यात्रा करना एक बड़ी चुनौती थी। फ्लाइट पकड़ने के लिए उन्हें पटना या बागडोगरा जैसे दूर के शहरों तक जाना पड़ता था। लेकिन, अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पोर्टा केबिन से शुरू हुआ पूर्णिया एयरपोर्ट का सफर अब एक आधुनिक और हाईटेक टर्मिनल की ओर बढ़ चुका है, जो इस क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
अधिकारियों ने बताया कि टर्मिनल भवन का निर्माण करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पूर्णिया से गुवाहाटी, मुंबई और बेंगलुरु जैसी नई उड़ानें शुरू करने की तैयारी है। भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावनाओं को भी ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पहले फेज के टर्मिनल बिल्डिंग के टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
चार राज्यों के लिए उड़ानें और पिंक बस सेवा
फिलहाल, पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं, और यात्रियों की अच्छी मांग भी देखने को मिल रही है। नया टर्मिनल बनने के बाद सिर्फ पूर्णिया ही नहीं, बल्कि सीमांचल, कोसी, भागलपुर, खगड़िया, नेपाल और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के लाखों लोगों को तेज, सुविधाजनक और आधुनिक हवाई यात्रा का सीधा लाभ मिलेगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्णिया एयरपोर्ट से पिंक बस की सेवा भी प्रदान की जा रही है। यह बस यात्रियों को पूर्णिया एयरपोर्ट से आरएन साव चौक के निकट बस स्टैंड तक पहुंचाती है। यात्रियों की उपलब्धता के आधार पर यह बस खुश्कीबाग स्थित पूर्णिया जंक्शन तक भी जाती है। हालांकि, आसपास के जिलों के कई यात्री बस स्टैंड से ही आगे की यात्रा करते हैं, जबकि जिनके पास प्राइवेट गाड़ी होती है, उन्हें एयरपोर्ट तक आवागमन की छूट मिली हुई है।
कोसी-सीमांचल को मिलेगी नई पहचान
अगर यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले सालों में पूर्णिया एयरपोर्ट सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के उभरते हुए एविएशन हब के रूप में अपनी एक नई पहचान बना सकता है। इससे कोसी-सीमांचल इलाके की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी और यात्रियों को नए टर्मिनल बिल्डिंग में विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। वर्तमान में, यहां से रोजाना लगभग 1000 यात्री सफर करते हैं, जिनकी संख्या में भविष्य में भारी वृद्धि की उम्मीद है।








