Bihar Vikramshila Bridge: भागलपुर में विक्रमशिला पुल पर 30 सितंबर 2026 से आवागमन बंद होने की खबर के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर जिले के सभी प्रमुख घाटों का गहन निरीक्षण किया और वैकल्पिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
DM ने खुद किया घाटों का निरीक्षण, तैयारियों को परखा
जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने बियाडा घाट, बरारी घाट, सबौर स्थित बाबूपुर घाट और नवगछिया के जहान्वी चौक घाट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों और माल ढुलाई के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि सभी व्यवस्थाएं सुचारु और व्यवस्थित रहें। बियाडा घाट पर यात्री फेरी सेवा और जहान्वी चौक घाट सहित अन्य संबंधित घाटों पर की गई आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष रूप से जायजा लिया गया।
बरारी घाट पर चल रहे स्थायी सुधार कार्य के मद्देनजर वहां की स्थिति और सुरक्षा संबंधी इंतजामों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने सभी तैयारियों को संतोषजनक पाया और निर्धारित मानकों के अनुरूप बताया।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि, कार्गो सेवा पर अस्थायी रोक
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सबौर स्थित बाबूपुर घाट से होने वाले कार्गो मूवमेंट को फिलहाल तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने बताया कि इन तीन दिनों के बाद गंगा नदी के जलस्तर और परिस्थितियों का दोबारा आकलन किया जाएगा। यदि स्थिति अनुकूल पाई जाती है, तो बाबूपुर घाट से कार्गो सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी।
यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम और हेल्पलाइन
जिला प्रशासन द्वारा विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद होने के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों एवं वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि आम लोगों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए घाटों पर कई व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें मेडिकल कैंप, जीविका दीदी की रसोई, कंट्रोल रूम, प्रशासनिक प्रतिनिधियों की तैनाती, आपदा मित्र और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी शामिल है। जिलाधिकारी ने फेरी सेवा के संचालन के दौरान भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
वैकल्पिक यातायात मार्गों और घाटों पर यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रियों की सहायता और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला इमरजेंसी कंट्रोल रूम को नियंत्रण कक्ष के रूप में सक्रिय रखा गया है। किसी भी समस्या, आवश्यक जानकारी या सुझाव के लिए यात्री जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल-फ्री नंबर 0641-2402871 पर संपर्क कर सकते हैं।








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