Bhagalpur Vikramshila Setu: भागलपुर: गंगा नदी पर बने भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। पुल के चार क्षतिग्रस्त स्पैन से अस्थाई बेली ब्रिज को हटाने का अभियान जारी है। इस महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देने के लिए देश की सबसे विश्वसनीय निर्माण एजेंसी बीआरओ (BRO) की एक विशेषज्ञ टीम को सिक्किम से बुलाया गया है। अगले 15 से 20 दिनों के भीतर पुल को पूरी तरह सुरक्षित और स्थायी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें एक मजबूत ट्रस ब्रिज का निर्माण शामिल है।
भारी-भरकम और आधुनिक क्रेनों के साथ हाइड्रो मशीनों की मदद से बेली ब्रिज के लोहे के भारी गर्डर्स को सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है। पहले चरण में, चारों स्पैन पर बिछे पुराने बेली ब्रिज को डिमेंटल करने में लगभग 3 से 5 दिन का समय लगने का अनुमान है। इसके बाद, दूसरे चरण में स्टील से बने मजबूत ट्रस स्ट्रक्चर को स्पैन पर स्थापित किया जाएगा। यह ट्रस ब्रिज भारी वाहनों का भार सहने में सक्षम होगा और लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा।
भागलपुर: बेली ब्रिज बंद होने पर बड़ा फैसला! अब सुबह 6 से शाम 6 बजे तक मुफ्त में नदी पार करें, प्रशासन ने की खास व्यवस्था
Bihar Ferry Service: भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन कर रहे लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। बेली ब्रिज बंद होने के बाद अब प्रशासन ने जलमार्ग से बिहार में मुफ्त फेरी सेवा शुरू कर दी है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। सड़क मार्ग पर बढ़ते दबाव को देखते हुए यह जलमार्ग एक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सामने आया है। आज सुबह 6 बजे से यह सेवा शुरू हुई है, जो शाम 6 बजे तक चलेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्री अपने सामान, साइकिल और बाइक के साथ इन बड़े जलयानों से बिना किसी शुल्क के नदी पार कर सकेंगे। हालांकि, सुरक्षा कारणों से सामान्य देशी नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। बड़े और मालवाहक वाहनों के लिए अलग से कार्गो जहाज की व्यवस्था की गई है।
निशुल्क यात्रा के साथ सामान और वाहन भी मुफ्त
यात्रियों की सुविधा के लिए भागलपुर की ओर बियाडा और बाबूपुर घाट को तैयार किया गया है। वहीं, नवगछिया की तरफ से जाह्नवी गंगा घाट से कनेक्टिविटी रहेगी। यात्रियों को निर्धारित घाटों से ही जलयान पकड़ने की अनुमति होगी। बाबूपुर घाट पर तीन बड़े जलयान यात्रियों को नदी पार कराने के लिए तैयार हैं। प्रशासन ने यह भी बताया है कि बरारी घाट से फेरी सेवा संचालित नहीं होगी, क्योंकि वहां स्थायी इंस्टॉलेशन का काम चल रहा है और क्रेन व भारी मशीनरी तैनात है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और घाटों की व्यवस्था
बियाडा घाट पर यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं। घाट के आसपास समतलीकरण का काम पूरा हो चुका है। बारिश और धूप से बचाव के लिए वाटरप्रूफ टेंट लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। रात के समय पर्याप्त रोशनी के लिए हाई-मास्ट लाइट की व्यवस्था की गई है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है।
प्रत्येक जहाज पर एक मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और आपदा मित्र की तैनाती की गई है। घाटों पर पुलिसकर्मी यात्रियों की भीड़ संभालेंगे और कतार को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित तरीके से जलमार्ग के जरिए दूसरे किनारे तक पहुंचाना है।
यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं और आगे की योजना
यात्रियों की सुविधा के लिए घाटों पर मेडिकल कैंप भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, ‘दीदी की रसोई’ की व्यवस्था भी की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर यात्रियों को भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। बाइक और साइकिल से यात्रा करने वाले लोगों को भी इस फेरी सेवा से काफी राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें बड़े जलयानों के जरिए नदी पार कराया जाएगा और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। बड़े और मालवाहक वाहनों के लिए सामान्य यात्री जलयान से अलग कार्गो जहाज की व्यवस्था की गई है, ताकि आवागमन सुचारु रूप से चलता रहे।
जल परिवहन को मिलेगी नई गति, बढ़ेगा व्यापार
इस अभियान का एक बड़ा फायदा जल परिवहन को मिलने वाला है। बेली ब्रिज के निचले हिस्से के कारण गंगा नदी में बड़े मालवाहक और क्रूज जहाजों के आवागमन में बाधा आ रही थी। अब पुल के स्पैन खाली होने से बड़े जहाजों से सफर और माल ढुलाई आज से ही शुरू हो गई है। यह राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के जरिए उत्तर-पूर्व भारत और कोलकाता के बीच व्यापार को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक व्यवस्था
सुरक्षा कारणों से विक्रमशिला सेतु पर काम चलने के दौरान भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद या नियंत्रित रहेगा। कुछ चरणों में हल्के वाहनों का परिचालन भी प्रभावित हो सकता है। जिला प्रशासन ने आम लोगों की सहूलियत के लिए व्यापक रूट डायवर्जन और वैकल्पिक व्यवस्था की है।
- नवगछिया से आने वाले वाहन: नवगछिया से भागलपुर, बांका या मुंगेर जाने वाले वाहनों को खगड़िया के रास्ते अगुवानी घाट या मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल (श्रीकृष्ण सेतु) की ओर डायवर्ट किया गया है।
- पूर्णिया/कटिहार से आने वाले वाहन: इन वाहनों को कुरसेला से ही नारायणपुर और फिर मुंगेर पुल की तरफ भेजा जा रहा है।
शहरी यात्रियों के लिए, सबौर और बरारी घाटों के बीच जिला प्रशासन अतिरिक्त नावों का परिचालन कर रहा है, ताकि गंगा पार करने में कोई परेशानी न हो। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और बहुत जरूरी न हो तो विक्रमशिला सेतु की तरफ जाने से बचें। वैकल्पिक मार्गों का ही चयन करें और जाम से बचने के लिए नाव सेवा (फेरी सर्विस) का उपयोग करें। प्रशासन स्थिति के अनुसार दिन के कुछ चुनिंदा घंटों में एक लेन से हल्के वाहनों को निकालने की योजना पर भी विचार कर रहा है।







