जुलाई का आधा महीना बीत जाने के बाद भी बिहार के लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं। इस बीच मौसम विभाग ने दो दिनों में बिहार के 15 जिलों में बारिश होने की जानकारी दी है। कई जिलों में बादल छाये हुए हैं। हालांकि, पटना में शनिवार सुबह से तीखी धूप लोगों की मुसीबत बनी हुई है।
सोमवार से पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया समेत 15 जिलों में सावन के पहले सोमवार से बारिश हो सकती है। इसको लेकर विभाग ने बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान किशनगंज और अररिया में झमाझम बारिश और वज्रपात के आसार हैं।






बिहार में समय पर बारिश न होने के कारण राज्य के 35 जिलों में सुखाड़ है। किसान बारिश के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। पटना के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मॉनसून की ट्रफ रेखा अभी पूर्वोत्तर अरब सागर और उससे सटे तटीय इलाकों के ऊपर निम्न दबाव इलाके से गुज़रते हुए सौराष्ट्र, कच्छ, उदयपुर, जबलपुर, पेंड्रा-रोड, हीराकुंड, तटीय ओडिशा होते हुए पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर तक फैली हुई है।
पिछले एक पखवाड़े से तपती गर्मी में पूरा बिहार तपने को विवश है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण हम लोगों के जनजीवन पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। चिलचिलाती तेज धूप और आर्द्रता भरी गर्मी के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गयी है।हिट वेव के कारण जिले का पारा 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जिसके कारण उमस भरी इस गर्मी में लोग बेहाल हैं।
भीषण तेज गर्मी के बीच बिजली की आंख मिचौनी लोगों को रुला रही है।खासकर देर रात बिजली की लगातार होती आंख मिचौनी के कारण आमजन रात में अपनी नींद भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। आदमी तो आदमी गर्मी के कारण पशु पक्षी भी बेहाल हैं।गर्मी से निजात पाने के लिए लोग जहां घरों से निकलने से आमजन बच रहे हैं और निकलना भी पड़े तो छाता का उपयोग के साथ कोल्ड ड्रिंक और स्नान आदि का सहारा ले रहे हैं।
वहीं दिन में नाला या जल जमाव वाले स्थान और जानवर उसमें बैठकर शरीर की गर्मी को कम कर रहे हैं।भीषण गर्मी के कारण मौसमी बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। हैजा,कै-दस्त सहित पेट और स्किन की बीमारियों में इजाफा हुआ है।लोगों को हिट वेव के कारण लू लगने का संकट गहरा सा गया है।
मौसम को लेकर कृषि विषय विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक प्रभात कुमार ने बताया कि अभी जिले में कुछ दिन दिनों तक हीटवेव का असर जारी रहेगा। आगामी तीन दिनों तक मौसम गर्म रहेगा तथा आकाश में हल्के बादल के साथ वातावरण में आर्द्रता के कारण उमस बनी रहेगी।
गर्मी का सबसे बुरा असर गरीब तबकों के लोगों के जनजीवन पर पड़ा है। इस भीषण गर्मी ने उन्हें मुसीबत में डाल दिया है। खासकर दिहाड़ी मजदूर जो प्रतिदिन ठेला,रिक्शा या मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनके सामने यह गर्मी मुसीबत का पहाड़ बनकर खड़ी हो गई है।
भीषण गर्मी के कारण काम के अभाव के साथ-साथ शारीरिक परिश्रम में भी उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इस तपती धूप में कार्य करने के कारण उनकी तबीयत भी खराब हो जा रही है। बहरहाल जिले में जिस कदर दिन रात के पारा में बढ़ोतरी हुई है। इससे आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है।








