Darbhanga DMCH: दरभंगा DMCH में महासंकट! भगवान और इंसान की देन – इमरजेंसी बंद, तड़प रहे मरीज, जानें क्यों? आज की बात नहीं है ये बीमारी है जिसकी जद में अस्पताल की सेहत सामान्य नहीं हो रही। इमरजेंसी सेवा ठप करने वाले चिकित्सकों ने सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। नतीजा अब तक माहौल सामान्य नहीं हो पाया है। मरीज हलकान है।
बिहार के दरभंगा में डीएमसीएच के इमरजेंसी विभाग में पिछले 22 घंटों से आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। एक जूनियर डॉक्टर और महिला परिजन के बीच हुए विवाद के बाद से गंभीर मरीजों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इलाज के लिए अस्पताल पहुँच रहे कई मरीजों को उनके परिजनों के साथ वापस लौटना पड़ रहा है।
जिला एवं अस्पताल प्रशासन लगातार चिकित्सकों से बातचीत कर रहा है ताकि इस गतिरोध को समाप्त कर इमरजेंसी सेवा बहाल की जा सके। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई थी, और मरीज व उनके परिजन इलाज शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।
जूनियर डॉक्टर और परिजन में विवाद की वजह
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात इमरजेंसी के मेडिसिन विभाग में एक मरीज के इलाज को लेकर जूनियर डॉक्टर और एक महिला परिजन के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह कहासुनी बड़े विवाद में बदल गई, जिसके बाद चिकित्सकों ने इमरजेंसी की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
चिकित्सकों की सुरक्षा बनी मुख्य मुद्दा
इमरजेंसी सेवा ठप करने वाले चिकित्सकों ने सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। डॉक्टरों का कहना है कि इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाले सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। चिकित्सकों की ओर से अस्पताल में ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग की जा रही है। सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई समाधान न निकलने के कारण इमरजेंसी सेवा को बहाल करने में लगातार गतिरोध बना हुआ है।
मरीजों और परिजनों की बढ़ी परेशानी
डीएमसीएच जैसे बड़े अस्पताल की इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था बाधित होने से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इलाज की उम्मीद लेकर दूर-दराज से डीएमसीएच पहुँचने वाले कई मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा है। 22 घंटे से अधिक समय तक सेवाएँ बाधित रहने के कारण अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके रिश्तेदारों की समस्याएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं।
प्रशासन की वार्ता जारी, समाधान का इंतजार
इस गतिरोध को खत्म करने और इमरजेंसी सेवा बहाल करने के लिए जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी लगातार चिकित्सकों से बातचीत कर रहे हैं। प्रशासन का मुख्य प्रयास दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाकर विवाद का समाधान निकालना है, ताकि इमरजेंसी की चिकित्सा व्यवस्था जल्द से जल्द सामान्य हो सके। लेकिन, खबर लिखे जाने तक, सेवाएँ बहाल नहीं हो पाई थीं।
इस विवाद को लेकर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। इस वजह से पुलिस स्तर पर कोई औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। फिलहाल, मरीजों और उनके परिजनों की निगाहें प्रशासनिक स्तर पर होने वाली बातचीत के नतीजों पर टिकी हैं, क्योंकि अस्पताल प्रशासन की वार्ता और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद ही इमरजेंसी सेवा बहाल होने की संभावना है।







