Bihar Jeevika Didi: बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों को अब और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। उन्हें उनके कार्यकौशल में दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसका उद्देश्य उन्हें बेहतर उत्पाद तैयार करने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाने में मदद करना है।
जीविका दीदियों को मिलेगा उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण
ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों के लिए तत्काल उच्च गुणवत्ता वाली प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मंत्री कुमार ने जोर दिया कि दीदियों की मेहनत और हुनर को सही दिशा मिलनी चाहिए, ताकि वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकें बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकें।






दीदियों की मेहनत और हुनर को सही दिशा मिलनी चाहिए, ताकि वे न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दें।
– श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री, बिहार
वर्तमान में बिहार में लगभग 13 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 करोड़ 81 लाख से अधिक जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं। प्रत्येक समूह में औसतन 10-12 दीदियां विभिन्न गतिविधियों जैसे सिलाई-कढ़ाई, रसोई संचालन, लाइब्रेरी और नर्सरी चलाने के माध्यम से अपनी आजीविका चला रही हैं। अब इन दीदियों की भूमिका का और विस्तार किया जाएगा।

डेयरी संचालन और बाजार तक पहुंच
ग्रामीण विकास विभाग अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है, ताकि राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में जीविका दीदियों को डेयरी संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जा सके। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। विभाग की मुख्य प्राथमिकता यह भी है कि दीदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध हो।
इसके लिए ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग लिंकेज और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। विशेष प्रशिक्षण में दीदियों को आधुनिक डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण, ऑनलाइन मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन का गहन ज्ञान प्रदान किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जीविका दीदियां अब केवल छोटे-मोटे कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि वे आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में उभरें। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू होगा, जिसकी शुरुआत चयनित समूहों से होगी और बाद में इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा।









