Bihar Food Safety: बिहार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण को लेकर खाद्य संरक्षा विभाग अब बेहद सख्त हो गया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर चल रहे लगातार निरीक्षण अभियान के दौरान बड़े ऑनलाइन और रिटेल दिग्गजों के वेयरहाउस में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। पटना में रिलायंस रिटेल लिमिटेड, फ्लिपकार्ट वेयरहाउस और बिग बास्केट के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है, जहां गंदगी, गलत भंडारण और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी पाई गई। विभाग ने इन सभी को सुधार नोटिस जारी करते हुए कड़ी चेतावनी दी है, जिसमें लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल है।
रिलायंस रिटेल के वेयरहाउस में गंदगी और अनियमितता
खाद्य संरक्षा विभाग ने पटना के मौजा जैथुली और दीदारगंज स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के दो प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। मौजा जेठूली स्थित वेयरहाउस में कोल्ड स्टोरेज के भीतर खाद्य पदार्थ खुले में रखे मिले, साथ ही फर्श पर गंदगी और कबूतरों की मौजूदगी से भी अस्वच्छता पाई गई। यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26 और लाइसेंसिंग विनियमों का सीधा उल्लंघन है। विभाग ने यहां से मलाई पनीर का सैंपल जांच के लिए भेजा है।
इसी तरह, दीदारगंज के गौरीचक स्थित रिलायंस रिटेल के प्रतिष्ठान में खाद्य और अखाद्य सामग्री एक साथ रखी पाई गई, जो भंडारण के स्वच्छ वातावरण के अभाव को दर्शाता है। यहां से हल्दी पाउडर और तीखी मिर्च पाउडर के नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। दोनों प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया गया है, जिसमें 14 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश है। यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं होता है, तो खाद्य लाइसेंस निलंबित या रद्द किए जा सकते हैं।
फ्लिपकार्ट और बिग बास्केट पर भी कार्रवाई, लाखों का सामान जब्त
बिहटा स्थित फ्लिपकार्ट वेयरहाउस में भी खाद्य संरक्षा विभाग ने बड़ी अनियमितताएं पकड़ीं। निरीक्षण के दौरान टाटा टी गोल्ड 500 ग्राम के पैकेटों पर अंकित बैच नंबर और कार्टन पर अंकित बैच नंबर में अंतर पाया गया। इस गंभीर अनियमितता के कारण ऐसे 293 पैकेटों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई, जिनकी अनुमानित कीमत 84,970 रुपये है। चायपत्ती की गुणवत्ता जांच के लिए नमूना भी प्रयोगशाला भेजा गया है।
इसके अतिरिक्त, फ्लिपकार्ट वेयरहाउस में केक-पेस्ट्री के 31 पीस, आटा के 170 पैकेट, कुकीज के 70 पैकेट, कॉफी के 60 पैकेट, चिप्स के 24 पैकेट और सीरियल फ्लेक्स सहित अन्य खाद्य पदार्थ उपयुक्त भंडारण व्यवस्था के अभाव में पाए गए। इन सभी खाद्य पदार्थों, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 48,210 रुपये है, को संबंधित एजेंसी द्वारा विनष्टीकरण के लिए सौंप दिया गया। साथ ही, 550 गंदे और क्षतिग्रस्त टोट बॉक्स (सर्विस बॉक्स) के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई, जिनकी अनुमानित कीमत 2,67,500 रुपये है। विभाग ने यहां से टाटा टी गोल्ड चायपत्ती और टाटा हल्दी पाउडर के नमूने भी लिए हैं।
पटना के मंहगूपुर चिरौरा स्थित बिग बास्केट वेयरहाउस में भी खाद्य संरक्षा अधिकारियों ने निरीक्षण किया। यहां वेगन टोफू गोल्ड, बारबेक्यू सॉस और जीरा पाउडर के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए। निरीक्षण में वेयरहाउस में कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं पाए गए और जल निकासी की व्यवस्था भी अपर्याप्त मिली। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए बिग बास्केट को भी 14 दिनों का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है।
खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, स्वच्छता और गुणवत्ता से संबंधित मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सभी खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है। विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
विभाग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सभी खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है। इन कार्रवाइयों के बाद उम्मीद है कि अन्य बड़े खुदरा विक्रेता भी खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीरता से पालन करेंगे, अन्यथा उन्हें भी ऐसी ही कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।








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