Bihar Legislature Session: बिहार की राजनीति में नवंबर के आखिरी सप्ताह से बड़ी हलचल शुरू होने वाली है। बिहार विधानमंडल का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से राजधानी पटना में शुरू होगा। पांच दिनों तक चलने वाला यह महत्वपूर्ण सत्र 4 दिसंबर को समाप्त होगा। इस दौरान राज्य के भविष्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने 18वीं बिहार विधानसभा के चतुर्थ सत्र और बिहार विधान परिषद के 214वें सत्र को आहूत किया है। इस संबंध में संसदीय कार्य विभाग और विधानसभा सचिवालय की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। 30 नवंबर को सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही प्रारंभ हो जाएगी।

सत्र का मुख्य एजेंडा: अनुपूरक बजट और विधेयक
इस पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिस पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के विकास और प्रशासन से संबंधित कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी बहस होगी और उन्हें पारित किया जाएगा।
बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। नए सदस्यों का शपथ ग्रहण भी होगा।
नए सदस्यों का शपथ ग्रहण और सियासी सरगर्मी
सत्र के दौरान नए निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह भी होगा, जिससे सदन की गरिमा बढ़ेगी। विधायी कार्यों के साथ-साथ, यह सत्र बिहार की राजनीति में गरमाहट लाएगा। विभिन्न दलों के विधायक और विधान पार्षद राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछेंगे, जिससे पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
यह सत्र राज्य के लिए नीतिगत दिशा तय करने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। सत्र के दौरान होने वाले फैसलों और बहसों पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी रहेंगी।







