Bihar Politics: बिहार में एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र ने बिहार की सियासत में एक बार फिर ‘खेला’ होने का बड़ा दावा किया है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है, जिससे राज्य में किसी बड़े बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा है कि इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा, जल्द ही सब सामने आएगा।

दरअसल, हाल ही में हुए एमएलसी चुनावों में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को तीन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के कारणों की समीक्षा के लिए जेडीयू ने एक कमेटी बनाने का फैसला किया है। इसी मुद्दे पर जब भाई वीरेंद्र से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सिर्फ ‘इंतजार’ करने की बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार का नाम लेते हुए एमएलसी चुनाव में ‘खेल’ होने का गंभीर आरोप भी लगाया।

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, ‘एमएलसी चुनाव में किसने खेल किया, यह सभी जानते हैं। अब इस मामले में कुछ छिपा नहीं है। नीतीश कुमार और निशांत कुमार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में फिर खेला होगा। इसके लिए थोड़ा इंतजार कीजिए।’
भाई वीरेंद्र के इस बयान को जेडीयू के भीतर चल रही आंतरिक राजनीतिक हलचल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि वे किस तरह के राजनीतिक बदलाव की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके इस दावे ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा ज़रूर छेड़ दी है।
मनेर एनकाउंटर पर सरकार को घेरा
भाई वीरेंद्र ने सिर्फ राजनीतिक ‘खेला’ की बात नहीं की, बल्कि पटना के मनेर में हुए एनकाउंटर को लेकर भी सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मुस्लिम और यादव समुदाय के लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, पुलिस मुठभेड़ की लगातार बढ़ती घटनाएं बेहद चिंता का विषय हैं।
आरजेडी विधायक ने मनेर एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं पूरी तरह गलत हैं और इनकी गहन पड़ताल होनी चाहिए। उनके बयान से यह साफ है कि आरजेडी इस मुद्दे को राजनीतिक और कानून-व्यवस्था दोनों स्तरों पर उठा रही है।
जेल में बंद लोगों की जमानत पर सवाल
भाई वीरेंद्र ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को जबरन मुकदमों में फंसाया जा रहा है और फिर उन्हें जेल भेज दिया जाता है। इसके बाद उन्हें जमानत तक नहीं मिल पा रही है।
आरजेडी विधायक ने सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि इन मामलों को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में किसी विशेष मामले या आंकड़े का जिक्र नहीं किया। कुल मिलाकर, एमएलसी चुनाव के बाद भाई वीरेंद्र का ‘फिर खेला होगा’ वाला बयान बिहार की राजनीति में गरमाहट पैदा कर चुका है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने और असर देखने को मिल सकते हैं।








