Bihar Politics: दो निर्दलीय विधान पार्षदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस घटनाक्रम को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर सीधा हमला बोला है। राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने आरोप लगाया है कि जदयू का नेतृत्व भाजपा के सामने समर्पण की राजनीति कर रहा है, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है।
एजाज अहमद ने दावा किया कि भाजपा ने गठबंधन में रहते हुए भी जदयू के खिलाफ ही राजनीतिक रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि अब दो निर्दलीय विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से यह पूरा मामला सबके सामने आ गया है। राजद प्रवक्ता के अनुसार, बिहार की राजनीति में भाजपा ने जदयू के साथ किस तरह का राजनीतिक व्यवहार किया है, यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है।
कौन से दो MLC भाजपा में हुए शामिल?
हाल ही में हुए घटनाक्रम में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीते निर्दलीय विधान पार्षद राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित बंशीधर ब्रजवासी 31 अक्टूबर को भाजपा में शामिल हो गए हैं। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि इन दोनों नेताओं ने विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी और उन्होंने जदयू के उम्मीदवारों को हराया था।
एजाज अहमद ने कहा, ‘भाजपा ने गठबंधन में रहते हुए भी जेडीयू के खिलाफ राजनीतिक रणनीति अपनाई। अब दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से यह पूरा मामला सामने आ गया है। बिहार की राजनीति में भाजपा ने जेडीयू के साथ किस तरह का राजनीतिक व्यवहार किया है, यह अब स्पष्ट हो गया है।’
दोनों विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से गठबंधन की राजनीति को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इन दोनों नेताओं को निर्दलीय चुनाव लड़वाकर जदयू को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की रणनीति अपनाई थी।
JDU की चुप्पी पर RJD ने उठाए सवाल
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने जदयू के नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब दोनों निर्दलीय विधान पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं, तो जदयू के नेता इस पूरे घटनाक्रम पर खामोश क्यों हैं? एजाज अहमद ने जदयू नेतृत्व से जवाब मांगा कि सत्ता में बने रहने के लिए उनकी पार्टी भाजपा के सामने आखिर कितना समझौता करेगी। उन्होंने इसे जदयू के लिए राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया है।
एजाज अहमद ने जदयू के भीतर के उन नेताओं पर भी निशाना साधा जिनकी विचारधारा भाजपा से मेल खाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर ही कुछ नेता ऐसी राजनीति कर रहे हैं, जिससे भाजपा को मजबूती मिल रही है, लेकिन इसके बावजूद जदयू नेतृत्व इस मुद्दे पर चुप है।
चुनाव में किसे हराकर जीते थे ये MLC?
बिहार विधान परिषद की सीटों के लिए हुए हालिया चुनाव के बाद से ही राजनीतिक सरगर्मी तेज है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राहुल राज ने जदयू समर्थित उम्मीदवार आनंद पुष्कर को हराया था। राहुल राज का भाजपा से पुराना जुड़ाव रहा है; पार्टी से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें निष्कासित भी कर दिया था। अब उनकी पार्टी में वापसी हुई है।
वहीं, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बंशीधर ब्रजवासी ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने जदयू के अभिषेक झा को शिकस्त दी थी। इन दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने से विपक्षी दलों को एनडीए के अंदर के राजनीतिक संबंधों पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है। राजद का कहना है कि यह घटनाक्रम जदयू और भाजपा के बीच के राजनीतिक संबंधों को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।


















