Bihar Electricity Connection: बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। राज्य सरकार ने 1 नवंबर से नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर के साथ अतिरिक्त शुल्क लागू कर दिया है। बिजली कंपनियों ने 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों और लोड के आधार पर शुल्क निर्धारित किया है।
नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को हर किलोवाट पर 300 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यह नियम घरेलू और औद्योगिक दोनों तरह के उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा। ऐसे में, नया कनेक्शन लेने से पहले उपभोक्ताओं को अपनी जेब का हिसाब-किताब अच्छी तरह से लगाना होगा।
नए बिजली कनेक्शन पर क्या है नया नियम?
बिजली कंपनी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर से लागू हुए नए नियमों के तहत अब किसी भी नए बिजली कनेक्शन के साथ स्मार्ट मीटर अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। इस स्मार्ट मीटर और सेवा संयोजन शुल्क के लिए उपभोक्ताओं को अपनी निर्धारित लोड क्षमता के अनुसार अधिक राशि चुकानी होगी। उदाहरण के लिए, यदि आप 1 किलोवाट का कनेक्शन लेते हैं, तो आपको 300 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यदि आपका लोड 5 किलोवाट है, तो यह शुल्क 1500 रुपये तक पहुंच जाएगा।
घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर सीधा असर
इन बढ़ी हुई दरों का सीधा असर बिहार के लाखों घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। जिन लोगों को अपने घरों या व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए नए कनेक्शन की आवश्यकता होगी, उन्हें अब पहले की तुलना में काफी अधिक प्रारंभिक लागत वहन करनी पड़ेगी। बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क लोड के अनुसार निर्धारित होगा, जिससे बड़े कनेक्शन लेने वालों पर अधिक बोझ पड़ेगा। भभुआ समेत पूरे राज्य में यह नियम प्रभावी हो गया है।
कब मिली थी नई दरों को मंजूरी?
बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने जुलाई महीने में ही बिजली कनेक्शन की इन नई दरों को अपनी मंजूरी दे दी थी। इसके बाद, 29 जुलाई को बिजली कंपनियों ने सभी जिलों को नई दरों से संबंधित विस्तृत सूचना जारी कर दी थी, जिसके आधार पर अब ये नियम 1 नवंबर से लागू हो गए हैं।
इस बदलाव से राज्य में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्मार्ट मीटर के जरिए ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इसका तत्काल प्रभाव उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। भविष्य में इन स्मार्ट मीटरों से बिजली की खपत को ट्रैक करना और बिलिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना संभव हो सकेगा।

















