Bihar Volleyball: पश्चिम बंगाल के एडमास विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय वॉलीबॉल पुरुष प्रतियोगिता में बिहार का नाम रोशन हुआ है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू), दरभंगा की वॉलीबॉल टीम ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। टीम ने फकीर मोहन विश्वविद्यालय को 3-1 के अंतर से करारी शिकस्त देकर अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए एक बड़े गौरव का क्षण है।
इस रोमांचक जीत के बाद लीग प्रतियोगिता में भी एलएनएमयू की टीम ने उत्कल विश्वविद्यालय को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता से कुल चार टीमों ने अखिल भारतीय स्तर के लिए क्वालीफाई किया है। इनमें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के साथ उत्कल विश्वविद्यालय (ओडिशा), कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय (ओडिशा) और एडमास विश्वविद्यालय (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं। टीम के टोली प्रबंधक कुमार राजर्षि ने इस शानदार सफलता की विस्तृत जानकारी दी।
राष्ट्रीय फलक पर चमका मिथिला विश्वविद्यालय का नाम
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और प्रबंधन समिति को फोन पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पूरे विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-समूह के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। कुलपति ने खिलाड़ियों की अदम्य इच्छाशक्ति, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और कड़े मुकाबलों के बीच उन्होंने राष्ट्रीय फलक पर विश्वविद्यालय का मस्तक ऊंचा किया है। उन्होंने जोर दिया कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 3-1 से मिली जीत यह साबित करती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और मंच की आवश्यकता है। कुलपति ने विश्वास जताया कि आगामी लीग मुकाबलों और अखिल भारतीय स्तर पर भी खिलाड़ी इसी ऊर्जा और जोश के साथ खेलेंगे और विश्वविद्यालय का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराएंगे।
बिहार वॉलीबॉल टीम की मेहनत का परिणाम
खेल निदेशालय के निदेशक प्रोफेसर अजय नाथ झा ने टीम के प्रदर्शन को बेजोड़ बताया। उन्होंने कहा कि पूर्वी क्षेत्र की इस महासमर जैसी प्रतियोगिता में पूल के कठिन दौर से गुजरते हुए अखिल भारतीय स्तर के लिए क्वालीफाई करना, साथ ही उत्कल विश्वविद्यालय, कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय और एडमास विश्वविद्यालय जैसी दिग्गज टीमों के साथ अपनी जगह बनाना, हमारे दीर्घकालिक खेल प्रशिक्षण और खिलाड़ियों की कठोर मेहनत का परिणाम है। प्रोफेसर झा ने इसे विश्वविद्यालय में खेल संस्कृति के उत्थान का एक सशक्त प्रमाण बताया और उम्मीद जताई कि टीम राष्ट्रीय स्तर पर भी सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों को कड़ी टक्कर देगी।
खेल पदाधिकारी अमृत कुमार झा ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने वाला दिन बताया। उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम ने जिस प्रकार से हर एक सेट में रणनीति के तहत प्रदर्शन किया और फकीर मोहन विश्वविद्यालय पर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए अखिल भारतीय स्तर के लिए टिकट कटाया, वह पूरी तरह से अविश्वसनीय है।’ उन्होंने मुख्य प्रशिक्षक दंगल कुमार सिंह, प्रशिक्षक राजेश कुमार सिंह और सहायक प्रशिक्षक संतोष कुमार की अथक और वैज्ञानिक कोचिंग तथा टोली प्रबंधक कुमार राजर्षि के कुशल प्रशासनिक प्रबंधन की विशेष सराहना की।
स्नातकोत्तर क्रीड़ा परिषद् की अध्यक्षा डॉ प्रियंका राय ने भी टीम की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे संस्थान की खेलकूद की उत्कृष्टता और अनुशासन का अनूठा उदाहरण बताया।
ये हैं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के जांबाज खिलाड़ी
| खिलाड़ी का नाम | महाविद्यालय |
|---|---|
| शुभम कुमार पोद्दार | मारवाड़ी कॉलेज, दरभंगा |
| मृत्युंजय कुमार | एपीएसएम कॉलेज, बरौनी |
| हिमांशु कुमार | एपीएसएम कॉलेज, बरौनी |
| उत्कर्ष कुमार मुस्कान | एसबीएसएस कॉलेज, बेगूसराय |
| निहाल कुमार | एसबीएसएस कॉलेज, बेगूसराय |
| रौशन कुमार | मिल्लत टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, मधुबनी |
| रोहन कुमार | मिल्लत टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, मधुबनी |
| मोनू कुमार | मिल्लत टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, मधुबनी |
| मयंक कुमार | महंत राम जीवन दास कॉलेज, विष्णुपुर, बेगूसराय |
| हिम्मत कुमार | महंत राम जीवन दास कॉलेज, विष्णुपुर, बेगूसराय |
| अंकुर कुमार | आरबीएस कॉलेज, तेयाई, बेगूसराय |
| राघव कुमार | आरबीएस कॉलेज, तेयाई, बेगूसराय |
| ललित कुमार | जी.डी. कॉलेज, बेगूसराय |
| हरि किशन | बाबा विश्वनाथ केदारनाथ विमला कॉलेज, रामपूर-दूधपुरा, समस्तीपुर |
इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से न केवल अपने महाविद्यालयों बल्कि पूरे ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और बिहार का नाम रोशन किया है। अब सभी की निगाहें अखिल भारतीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहाँ यह टीम राष्ट्रीय पटल पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

















