
Bihar Fire Safety: दिवाली और छठ पूजा के दौरान आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बिहार अग्निशमन सेवा ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के उद्देश्य से जारी इन गाइडलाइन में पटाखा विक्रेताओं, आम नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा के लिए कई अनिवार्य नियम बताए गए हैं। इन त्योहारों के मौके पर किसी भी अनहोनी से बचने के लिए सभी को इन सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।
पटाखा दुकानों के लिए कड़े सुरक्षा निर्देश
बिहार अग्निशमन सेवा ने पटाखा बेचने वाले दुकानदारों और भंडारण स्थलों के लिए विशेष रूप से कड़े नियम बनाए हैं। इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा:
- दुकानों और भंडारण स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए।
- प्रत्येक दुकान पर दो 9 लीटर के CO₂ सिलिंडर, एक 6 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक और एक 2 लीटर का पोर्टेबल अग्निशामक रखना अनिवार्य है।
- आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए पानी से भरे दो ड्रम भी दुकान पर मौजूद होने चाहिए।
- दुकानदारों और उनके कर्मचारियों को अग्निशामक यंत्रों का सही इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण प्राप्त होना चाहिए।
- पटाखा दुकानें अज्वलनशील सामग्री से ही बनी होनी चाहिए।
- सभी दुकानों के बीच कम से कम 3 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाए रखना भी अनिवार्य है।
इन सख्त निर्देशों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पटाखा बिक्री और भंडारण के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके और आगजनी का खतरा न्यूनतम रहे।
आम लोगों के लिए सुरक्षा के अहम मंत्र
नागरिकों को भी आतिशबाजी करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिहार अग्निशमन सेवा ने स्पष्ट किया है कि पटाखे हमेशा खुले स्थान या मैदान में ही चलाएं। बच्चों को घर के अंदर या संकरी गलियों में पटाखे चलाने से रोकना चाहिए। इसके साथ ही, बच्चों द्वारा आतिशबाजी करते समय अभिभावकों की मौजूदगी अनिवार्य है ताकि किसी भी दुर्घटना को टाला जा सके। बिजली के तारों, जलते बल्बों और ज्वलनशील पदार्थों के पास पटाखे जलाने से पूरी तरह बचना चाहिए।
आग लगने पर घबराएं नहीं, अपनाएं ये तरीका
अग्निशमन सेवा ने आपात स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है। यदि किसी व्यक्ति के कपड़ों में आग लग जाए, तो घबराकर भागना नहीं चाहिए। ऐसे में तुरंत जमीन पर लेटकर शरीर को कंबल या बोरी से ढक लेना चाहिए। यह आग को फैलने से रोकने और बुझाने में मदद करता है। किसी भी प्रकार की आगजनी या आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए अग्निशमन सेवा के हेल्पलाइन नंबर 101 या 112 पर सूचना देने की अपील की गई है। समय पर सूचना देने से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।

















