Katihar Police: बिहार के कटिहार में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। महज चार घंटे के भीतर 3 लाख रुपये की कथित लूट का मामला सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह लूट की पूरी कहानी फर्जी निकली, जिसे स्टाफ ने ही पैसे हड़पने के लिए गढ़ा था। पुलिस ने न केवल दोनों आरोपियों को पकड़ा है, बल्कि लूटी गई पूरी रकम 3 लाख रुपये भी बरामद कर ली है।
चौंकाने वाला खुलासा: कटिहार में 3 लाख की ‘लूट’ निकली स्टाफ की साजिश, पुलिस ने 4 घंटे में दबोचा!
Katihar Police: कटिहार पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए तीन लाख रुपये की झूठी लूट की कहानी गढ़ने वाले दो शातिर आरोपियों को महज चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने न केवल दोनों अपराधियों को दबोचा, बल्कि लूटी गई पूरी रकम भी बरामद कर ली है। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस की मुस्तैदी और अपराध पर लगाम लगाने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।






स्टाफ ने ही रची थी लूट की साजिश
पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सालमारी निवासी व्यवसायी आयुष अग्रवाल (26 वर्ष) ने अपने स्टाफ गणेश राय और समद आलम को मनीहारी से ट्रैक्टर की बकाया राशि के रूप में तीन लाख रुपये लाने के लिए भेजा था। वापसी के दौरान, गणेश राय ने पुलिस को सूचना दी कि चांदपुर बांध के पास दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने हथियार के बल पर उनसे तीन लाख रुपये लूट लिए हैं। इस सूचना पर आजमनगर थाना में कांड संख्या 455/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
कटिहार पुलिस की पूछताछ में खुला राज
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, स्टाफ गणेश राय के बयानों में कई विरोधाभास सामने आने लगे। कटिहार पुलिस की कड़ी पूछताछ के सामने गणेश राय टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि यह पूरी लूट की घटना फर्जी थी और उसने अपने साथी संजीत कुमार पासवान के साथ मिलकर पैसों को हड़पने की योजना बनाई थी।
“यह लूट की घटना पूरी तरह फर्जी थी और उसने अपने साथी संजीत कुमार पासवान के साथ मिलकर पैसे हड़पने की साजिश रची थी।”
गणेश की निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी संजीत कुमार पासवान (27 वर्ष, डोलमारा, सालमारी, कटिहार) के घर पर छापेमारी की। पुलिस ने संजीत के घर से लूटी गई पूरी तीन लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, आगे की कार्रवाई जारी
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गणेश राय (45 वर्ष, डोलमारा, सालमारी, कटिहार) और संजीत कुमार पासवान (27 वर्ष, डोलमारा, सालमारी, कटिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस की सक्रियता से अपराधी बच नहीं सकते, चाहे वे कितनी भी चालाकी क्यों न करें।
पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई ने न केवल एक आपराधिक साजिश का भंडाफोड़ किया है, बल्कि जनता में सुरक्षा की भावना भी मजबूत की है। इस मामले में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि अपराध के सभी पहलुओं को उजागर किया जा सके।
लूट की फर्जी कहानी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
यह मामला 09 अगस्त को सामने आया, जब व्यवसायी आयुष अग्रवाल ने अपने स्टाफ गणेश राय और समद आलम को मनीहारी से ट्रैक्टर की बकाया राशि के रूप में 3 लाख रुपये लाने भेजा था। लौटते समय स्टाफ गणेश राय ने पुलिस को सूचना दी कि चांदपुर बांध के पास दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने हथियार के बल पर उनसे 3 लाख रुपये लूट लिए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आजमनगर थाना कांड संख्या-455/26 दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम ने तेजी से कार्रवाई की।
कैसे हुआ पर्दाफाश? स्टाफ ने उगले राज
पुलिस ने जब स्टाफ गणेश राय से पूछताछ की, तो उसके बयानों में भारी विरोधाभास सामने आया। पुलिस की कड़ी पूछताछ और सख्ती के आगे गणेश टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि यह लूट की घटना पूरी तरह फर्जी थी। गणेश ने अपने साथी संजीत कुमार पासवान के साथ मिलकर मालिक के 3 लाख रुपये हड़पने की साजिश रची थी। इस कबूलनामे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
यह लूट की घटना पूरी तरह फर्जी थी और उसने अपने साथी संजीत कुमार पासवान के साथ मिलकर पैसे हड़पने की साजिश रची थी।
गिरफ्तारी और बरामदगी: अब होगी कानूनी कार्रवाई
गणेश राय की निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी संजीत कुमार पासवान के डोलमारा, सालमारी स्थित घर पर छापेमारी की। इस छापेमारी में पुलिस को लूटी हुई पूरी रकम 3 लाख रुपये नकद बरामद हो गई। पुलिस ने इस मामले में गणेश राय (45 वर्ष) और संजीत कुमार पासवान (27 वर्ष) दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी डोलमारा, थाना सालमारी, जिला कटिहार के निवासी हैं। पुलिस ने अब आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने न सिर्फ एक फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया, बल्कि जनता में विश्वास भी बढ़ाया है।








