Bihar Danapur Station: बिहार में दानापुर रेलवे स्टेशन का जल्द ही कायापलट होने वाला है। स्टेशन के विस्तार के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसका सीधा असर पटना-बिहटा रूट पर रोजाना सफर करने वाले करीब 3 लाख गाड़ी चालकों पर पड़ेगा। उन्हें लंबे समय से झेल रहे भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं यात्रियों को भी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, दानापुर स्टेशन के विस्तार के लिए खगौल आरओबी से दानापुर स्टेशन गोलंबर तक जाने वाली पुरानी सड़क को बंद करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस सड़क की जमीन का उपयोग स्टेशन को और अधिक सुविधा संपन्न बनाने के लिए किया जाएगा। यहां प्लेटफॉर्म, पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया को बड़ा करने की योजना है।






पुराना रास्ता बंद, नया विकल्प तैयार
पुरानी सड़क बंद होने के बाद पटना और बिहटा के बीच आने-जाने वाले वाहनों को बिहटा एलिवेटेड रोड के नीचे बने नए मार्ग से गुजारा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस वैकल्पिक रास्ते से यातायात अधिक व्यवस्थित होगा और हर दिन लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और जाम में गाड़ियों के फंसने से होने वाली ईंधन की बर्बादी भी कम होगी।
पटना जंक्शन से भी बड़ी पार्किंग, प्लेटफॉर्म भी होंगे चौड़े
सड़क की जमीन मिलने के बाद प्लेटफॉर्म ए और ए-1 का विस्तार किया जाएगा। इनकी चौड़ाई मौजूदा आकार से दोगुनी से भी अधिक करने की योजना है। यानी ट्रेन के आगमन-प्रस्थान के समय यात्रियों को पहले की तुलना में काफी ज्यादा जगह मिलेगी और भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा। इसके साथ ही, दानापुर स्टेशन के बाहर एक नया सर्कुलेटिंग एरिया और बड़ा पार्किंग जोन विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित क्षेत्रफल पटना जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग से भी बड़ा होने की बात कही जा रही है। यहां टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर गाड़ियां आसानी से पार्क की जा सकेंगी।
रेलवे और NHAI की अहम बैठक जल्द
दानापुर स्टेशन के विस्तार के लिए सड़क की जमीन की आवश्यकता को देखते हुए, रेलवे जल्द ही एनएचएआई (NHAI) को एक लिखित प्रस्ताव भेजेगा। इसके बाद जमीन हस्तांतरण और वैकल्पिक मार्ग के संबंध में दोनों विभागों के अधिकारी एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह परियोजना न केवल दानापुर स्टेशन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगी, बल्कि पटना और बिहटा के बीच आवागमन को भी सुगम बनाएगी। रेलवे और एनएचएआई के बीच जल्द होने वाली बैठक में इस मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद है।








