Bihar Security: राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब प्रदेश के 11 प्रमुख धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्मारकों की सुरक्षा का जिम्मा बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) को सौंपा गया है। गृह विभाग ने सोमवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की, जिसके बाद यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। यह निर्णय उन स्थानों के लिए लिया गया है, जहां साल भर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
BSAP कानून के तहत ‘अधिसूचित प्रतिष्ठान’ घोषित
बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम, 2021 के तहत इन सभी 11 स्थानों को ‘अधिसूचित प्रतिष्ठान’ घोषित किया गया है। इस घोषणा से BSAP को अपनी सुरक्षा ड्यूटी निभाते समय बढ़ी हुई कानूनी शक्तियां प्राप्त होंगी। अधिसूचना के अनुसार, इन स्थलों पर तैनात हवलदार और उससे ऊपर के रैंक के BSAP कर्मियों को अधिनियम की धारा 7, 8 और 9 के तहत अधिकार प्राप्त होंगे। ये प्रावधान बल को अधिसूचित स्थलों पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा संबंधी मामलों में कार्रवाई करने में सक्षम बनाते हैं।






बढ़ती भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों का समाधान
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला बिहार के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक केंद्रों पर आने वाले आगंतुकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि एक विशेष सशस्त्र बल की तैनाती से निगरानी मजबूत होगी, भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं, पर्यटकों और इन विरासत संरचनाओं को सुरक्षित रखना है, साथ ही संभावित सुरक्षा खतरों के खिलाफ बेहतर तैयारी सुनिश्चित करना भी है। गृह विभाग ने बताया कि यह नई सुरक्षा व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है, जो बिहार के कुछ सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के सुरक्षा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।
यह पहल बिहार की सुरक्षा को नई दिशा देगी और पर्यटकों के बीच राज्य की छवि को और बेहतर बनाएगी। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जिससे राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।








