Bihar Teacher HRA: बिहार में शिक्षकों को मिलने वाले मकान किराया भत्ता (HRA) को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इस नए फरमान के बाद अब अवर्गीकृत शहरों में पदस्थापित कई शिक्षकों को शहर की सीमा से 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों में तैनाती होने पर HRA का लाभ नहीं मिल पाएगा। इस फैसले से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित होंगे, क्योंकि जुलाई 2026 से संशोधित दरें लागू हो जाएंगी।
नए नियम क्या हैं और किसे मिलेगा/नहीं मिलेगा लाभ?
जारी निर्देश के अनुसार, अवर्गीकृत शहरों में कार्यरत शिक्षकों को आवास भत्ता केवल संबंधित शहर की परिधि के अंदर ही मिलेगा। यदि उनका विद्यालय शहर की सीमा से 8 किलोमीटर बाहर स्थित है, तो उन्हें Bihar Teacher HRA नहीं दिया जाएगा। हालांकि, वर्गीकृत शहरों के लिए नियम थोड़ा अलग है। वर्गीकृत शहर की सीमा से 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को भी निर्धारित दर पर HRA का लाभ मिल सकता है, बशर्ते वे निर्धारित प्रक्रिया और जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की स्वीकृति प्राप्त कर लें।






मामला बक्सर में शुरू हो गया है जहां यह महत्वपूर्ण है कि बक्सर जिला मुख्यालय को वर्गीकृत शहर की श्रेणी में रखा गया है, जहां शिक्षकों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत मकान किराया भत्ता देय होगा। वहीं, डुमरांव, ब्रह्मपुर, इटाढ़ी और चौसा नगर पंचायत को अवर्गीकृत शहरों की श्रेणी में रखा गया है। इन अवर्गीकृत शहरों में कार्यरत शिक्षकों के लिए HRA की दर 7.5 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
जुलाई 2026 से लागू, अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि जुलाई 2026 की अनुपस्थिति विवरणी संशोधित HRA दरों के अनुसार तैयार की जानी चाहिए। इस विवरणी को जल्द से जल्द जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने HRA की गणना और भुगतान को लेकर प्रधानाध्यापकों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अनुपस्थिति विवरणी में मकान किराया भत्ता की दरों में कोई विसंगति पाई गई, तो संबंधित प्रधानाध्यापक और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण ने बताया, “फिलहाल विभागीय नियमों के अनुसार आवास भत्ता को लेकर पत्र जारी किया गया है। अब शिक्षकों को इसी निर्देश और निर्धारित नियमों के आधार पर HRA का लाभ दिया जाएगा।”
HRA भुगतान पर सख्त निर्देश, ये शहर हुए प्रभावित
जिला शिक्षा कार्यालय ने बिहार राज्य कर्मचारी (मकान किराया भत्ता) नियमावली, 1980 के नियम 4(ख)(ii) का हवाला देते हुए कहा है कि शिक्षकों को आवास भत्ता का भुगतान केवल निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर ही होना चाहिए। किसी भी शिक्षक को नियम से अधिक या गलत दर पर HRA का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। इस निर्देश का सीधा असर बक्सर जिले के डुमरांव, ब्रह्मपुर, इटाढ़ी और चौसा जैसे नगर पंचायतों में पदस्थापित शिक्षकों पर पड़ेगा। अब उन्हें शहर की सीमा से बाहर 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों में तैनाती होने पर 7.5 प्रतिशत HRA का लाभ नहीं मिलेगा।
यह फैसला उन शिक्षकों के लिए सवाल खड़े करता है जो अब तक अवर्गीकृत शहरों की सीमा से बाहर होने के बावजूद HRA का लाभ ले रहे थे। अब उन्हें नए नियमों के तहत ही आवास भत्ता मिलेगा, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ना तय है।
शिक्षा विभाग का यह कदम आवास भत्ता वितरण में पारदर्शिता लाने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। बक्सर जैसे जिलों में, जहां वर्गीकृत और अवर्गीकृत दोनों तरह के शहर हैं, शिक्षकों को इन नए प्रावधानों को समझना आवश्यक होगा। जुलाई 2026 से पहले सभी संबंधित अधिकारियों को इस नियम का पालन सुनिश्चित करना होगा ताकि भविष्य में किसी भी विसंगति से बचा जा सके।








