Bihar Nepal Border Security: नेपाल में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा का असर अब बिहार से सटी भारत-नेपाल सीमा पर साफ दिखाई दे रहा है। नेपाल के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू होने के बाद बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। खास तौर पर मधुबनी जिले से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) लगातार संयुक्त निगरानी कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर जयनगर से चलने वाली भारत-नेपाल रेल सेवा भी फिलहाल बंद कर दी गई है, जिससे सीमा पार आने-जाने वाले यात्रियों को असुविधा हो रही है।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
नेपाल में हालिया हिंसा के बाद मधुबनी जिले से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। देर शाम ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शिवम धाकड़ ने एसएसबी, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ लदनियां थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीमा चौकियों की व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और गश्त की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने सुरक्षा कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमा पार से आने वाले हर व्यक्ति और वाहन की सावधानीपूर्वक जांच की जाए।






नेपाल की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस और एसएसबी के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। संयुक्त गश्त को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि सीमा पर किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
– शिवम धाकड़, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक
रेल सेवा ठप, संदिग्धों पर नजर
नेपाल के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लागू होने के कारण आवाजाही पहले से प्रभावित है। ऐसे में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। जयनगर से नेपाल जाने वाली इंडो-नेपाल रेल सेवा फिलहाल बंद है, जिससे दोनों देशों के बीच नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कदम केवल एहतियात के तौर पर उठाया गया है।
उधर, नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की ने दावा किया है कि भारत की सीमा से कुछ विदेशी नागरिक नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं। उनके अनुसार, इनमें रोहिंग्या, बांग्लादेश, पाकिस्तान और सोमालिया से जुड़े लोगों के शामिल होने की आशंका जताई गई है। उन्होंने बताया कि सीमा पर निगरानी पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है और सुरक्षा बल हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने खाद तस्करी से जुड़े कुछ नेपाली नागरिकों को हिरासत में लिए जाने का भी उल्लेख किया।
हिंसा की शुरुआत और जनजीवन पर असर
नेपाल में तनाव की शुरुआत 26 जुलाई को सिरहा जिले के जनकपुरधाम में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद से हुई थी। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और हिंसक घटनाएं सामने आईं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई। विरोध प्रदर्शन तेज होने के बाद प्रशासन ने सिरहा, धनुषा, राजबिराज नगरपालिका सहित कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया।
सीमावर्ती गांवों के लोगों से भी प्रशासन ने सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या वस्तु की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा बलों को दें। स्थानीय लोगों की सतर्कता भी सीमा सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल, अधिकारी और सुरक्षा बल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि बिहार-नेपाल सीमा पर शांति व्यवस्था बनी रहे।








