Bihar CPR Training: बिहार में अब एनसीसी कैडेट्स आपातकाल में लोगों की जान बचाने के लिए तैयार हो रहे हैं। भागलपुर में एनसीसी 4 बिहार बटालियन के कैडेट्स को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। जीवन जागृति सोसाइटी ने लाजपत पार्क स्थित एनसीसी भवन में यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका उद्देश्य कैडेट्स को जीवनरक्षक कौशल से लैस करना था। यह Bihar CPR Training उन्हें सड़क दुर्घटना, पानी में डूबने या सांस व हृदय गति रुकने जैसी गंभीर स्थितियों में तुरंत प्राथमिक उपचार देने में मदद करेगी।
शिशु रोग विशेषज्ञ और जीवन जागृति सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने कैडेट्स को CPR की सही तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन करके समझाया। उन्होंने डमी पर प्रत्येक कैडेट से अभ्यास भी कराया, ताकि वे आपात स्थिति में बिना किसी हिचकिचाहट के सही प्रक्रिया अपना सकें। इस प्रशिक्षण के माध्यम से अब ये कैडेट्स किसी भी संकट में लोगों के लिए फरिश्ता साबित हो सकते हैं।






CPR क्या है और क्यों है जरूरी? जानें जीवनरक्षक गुर
सीपीआर, या कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन, एक आपातकालीन प्रक्रिया है जो तब की जाती है जब किसी व्यक्ति की सांस या हृदय गति रुक जाती है। डॉ. अजय कुमार सिंह ने इस प्रशिक्षण के दौरान बताया कि यह तकनीक कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कैडेट्स को समझाया कि कैसे सही समय पर किया गया सीपीआर किसी व्यक्ति की जान बचा सकता है। कैडेट्स ने भी पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया और आवश्यक जानकारी हासिल की।
सही समय पर दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
इस प्रशिक्षण में केवल CPR ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक कौशल भी सिखाए गए। डॉ. सिंह ने रक्तस्राव रोकने की ऐसी तकनीक बताई, जिससे न केवल खून रुकता है, बल्कि हाथ में संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है। यह तरीका सुनिश्चित करता है कि घाव भी सुरक्षित रहे और मरीज को तत्काल राहत मिले।
बाँस-लाठी से स्ट्रेचर बनाने का अनोखा तरीका सीखा NCC कैडेट्स ने
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स को घर में उपलब्ध साधारण चीजों से स्ट्रेचर बनाने का एक अनोखा तरीका भी सिखाया गया। बाँस, लाठी के टुकड़ों और चादर का उपयोग करके कैसे तुरंत एक मजबूत स्ट्रेचर बनाया जा सकता है, इसका प्रदर्शन किया गया। यह तकनीक दूरदराज के इलाकों या ऐसी जगहों पर बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, जहाँ तत्काल एम्बुलेंस या मेडिकल सहायता उपलब्ध न हो।
कार्यक्रम के अंत में, 4 बिहार बटालियन के अधिकारियों ने डॉ. अजय कुमार सिंह और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी और जनहितकारी बताया, जिससे आपातकालीन स्थितियों में समाज को बहुत लाभ मिलेगा। इस पहल से एनसीसी कैडेट्स की भूमिका समाज सेवा में और मजबूत हुई है।
इस कार्यक्रम में कैडेट्स के अलावा जीवन जागृति सोसाइटी के प्रोजेक्ट मैनेजर आलोक कुमार, मृत्युंजय कुमार सिंह, धर्मेंद्र और अखिलेश उपस्थित थे। एनसीसी की ओर से लेफ्टिनेंट विकास मंडल (कमांडिंग ऑफिसर 4 बिहार बटालियन), सूबेदार मेजर सीतल सिंह, सूबेदार गोपाल कृष्ण, सूबेदार जगदीप सिंह, सूबेदार बाबूलाल यादव, नाइब् सूबेदार लखविंदर सिंह, बटालियन हवलदार मेजर रंजीत सिंह, कंपनी हवलदार मेजर मुखिया यादव, हवलदार सुरजीत सिंह और हवलदार प्रदीप कुमार भी मौजूद रहे। यह NCC Cadets Training बिहार में सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








