Maoist Conspiracy: देश में केंद्र सरकार के खिलाफ जारी विभिन्न आंदोलनों और विशेषकर ‘जेन जी’ यानी युवाओं में पनपते असंतोष का इस्तेमाल माओवादी संगठन अपने राजनीतिक लक्ष्यों के लिए करने की तैयारी में हैं। यह सनसनीखेज सवाल सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे एक कथित गोपनीय पत्र से उठ खड़ा हुआ है। इस पत्र में किए गए उल्लेखों से मामला बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण हो गया है।
महाराष्ट्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस तरह का पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, माओवादियों के इंटरनेशनल सेल में सक्रिय ‘कॉमरेड धीरज’ ने वरिष्ठ माओवादी पदाधिकारी ‘कॉमरेड अजीत उर्फ के. मुरलीधरन’ को यह पत्र भेजा है। बताया जा रहा है कि इस पत्र में ‘वाईवाई’ के सांकेतिक नाम से उल्लिखित एक व्यक्ति द्वारा सरकार विरोधी आंदोलनों के लिए विशेष रणनीति तैयार किए जाने का दावा किया गया है।
युवाओं को मोहरा बनाने की ‘जेन जी’ रणनीति
कथित पत्र के अनुसार, आगामी जनआंदोलनों और राजनीतिक संघर्षों को तेज करने के लिए ‘जेन जी’ नेटवर्क का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है। विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ पैदा हुए असंतोष को और अधिक व्यापक बनाने के लिए युवाओं को आंदोलनों के केंद्र में लाने की बात कही गई है। इसके अलावा, युवाओं की भागीदारी के जरिए जमीनी स्तर पर सरकार विरोधी अभियान चलाने, जनआंदोलनों का विस्तार करने और सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने जैसे बिंदुओं का भी कथित कार्ययोजना में उल्लेख होने की जानकारी मिली है। आंदोलन के दौरान हिंसा या अन्य अप्रिय घटनाएं होने पर इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने की रणनीति भी बनाए जाने का दावा किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने माओवादी संगठन के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच ऐसे पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है, जिसमें ‘जेन जी’ और ‘भारत जोड़ो अभियान’ के इस्तेमाल की साजिश का जिक्र है।
सात राज्यों में भूमिगत सहयोगियों को एकजुट करने की तैयारी
कथित पत्र में महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा सहित सात राज्यों में सक्रिय भूमिगत शहरी माओवादी सहयोगियों को फिर से एकजुट करने की योजना का भी उल्लेख बताया जा रहा है। इन उल्लेखों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि एक निश्चित समय-सारणी के तहत सरकार विरोधी जनआंदोलनों को अधिक व्यापक और आक्रामक स्वरूप देने का प्रयास किया जा सकता है। हालांकि, पत्र में किए गए कथित दावों की स्वतंत्र पुष्टि के संबंध में कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
‘भारत जोड़ो अभियान’ से आंदोलनों को जोड़ने का उल्लेख
इस मामले में सबसे अधिक चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान चलाए गए ‘भारत जोड़ो अभियान’ से संबंधित कथित उल्लेख को लेकर है। जानकारी के अनुसार, पत्र में ‘वाईवाई’ के सांकेतिक नाम से उल्लिखित व्यक्ति की रणनीति के तहत ‘जेन जी’ और सरकार विरोधी रुख रखने वाले युवाओं के आंदोलनों को इस अभियान से जोड़ने की योजना का दावा किया गया है। कथित पत्र के अनुसार, इसके माध्यम से विभिन्न आंदोलनों को एक साझा मंच पर लाकर सरकार के खिलाफ व्यापक राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा सकता है। कुछ राजनीतिक दलों के ऐसे संयुक्त प्रयासों में शामिल होने की सहमति संबंधी उल्लेख होने का दावा भी किया जा रहा है। खुफिया एजेंसियां अब इस पत्र की सत्यता और इसके पीछे की वास्तविक मंशा की गहराई से जांच कर रही हैं।







