Bhagalpur News: आस्था पर भू-माफियाओं की दबंगई का एक गंभीर मामला भागलपुर से सामने आया है। सिकंदरपुर स्थित मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र में चैती भद्रकाली महारानी की पुस्तैनी पूजा को जबरन रोकने का आरोप लगा है, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। वर्षों से जिस स्थान पर यह पूजा-अर्चना की जाती रही है, अब वहां पूजा करने से मना किया जा रहा है। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिकंदरपुर निवासी चंदन सिन्हा ने इस पूरे विवाद को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने अपने आवेदन में हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि कुछ लोग भू-माफियाओं के साथ मिलकर इस पुस्तैनी परंपरा को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। चंदन सिन्हा ने अमित कुमार, सुमित कुमार और आनंद शंकर नामक व्यक्तियों पर पूजा करने से मना करने का सीधा आरोप लगाया है।

पुस्तैनी पूजा पर भू-माफियाओं की नजर, झूठे केस की धमकी
इस मामले में एक और बेहद गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पूजा जारी रखने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। ऐसी धमकियों के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं और आम लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यह केवल पूजा-पाठ का मामला नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ‘यदि किसी स्थान पर पूजा को लेकर कोई कानूनी या भूमि संबंधी विवाद है तो उसका समाधान प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, न कि कथित धमकी या दबाव के जरिए।’
पुलिस के बदलते रुख पर गहराया असमंजस
पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। चंदन सिन्हा ने दावा किया है कि मोजाहिदपुर थाने की ओर से पहले पूजा करने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, कुछ समय बाद कथित तौर पर उसी थाना स्तर से पूजा करने से मना कर दिया गया। पुलिस के इस अचानक बदले हुए रुख को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा असमंजस और आक्रोश है। वे जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे आदेश का रुख बदल गया।
अब प्रशासन की जांच पर टिकी सबकी निगाहें
अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित शिकायत मिलने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कैसे करता है। पूजा स्थल से जुड़े दस्तावेजों, पूर्व की परंपरा और पुलिस के कथित तौर पर बदले हुए रुख की वजहों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, चैती भद्रकाली महारानी की पूजा को लेकर उठे इस विवाद ने सिकंदरपुर में माहौल को गरमा दिया है। श्रद्धालु उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस मामले में उचित संज्ञान लेगा और उनकी धार्मिक आस्था से जुड़े इस विवाद का न्यायसंगत समाधान करेगा।







