Bihar Flood: बिहार में एक बार फिर बिहार में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। भागलपुर के नवगछिया में गंगा और कोसी नदियों के भारी दबाव के कारण कलबलिया बांध लगभग 30 फीट तक टूट गया है। बीती देर रात करीब दो बजे हुई इस घटना से रंगरा प्रखंड के हजारों लोगों पर बाढ़ का बड़ा संकट आ गया है।
बांध टूटने के बाद गंगा और कोसी का पानी तेजी से गांवों की ओर फैलने लगा, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है। इस घटना से करीब 15 से 20 हजार की आबादी के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से तटबंध को मजबूत करने की कोई कोशिश नहीं की गई थी, जिसके कारण आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

ग्रामीणों ने पहले ही दी थी चेतावनी, अब 20 हजार आबादी खतरे में
ग्रामीणों ने बताया कि रात में वे अपने स्तर पर बोरियां और पेड़ काटकर कटाव रोकने का लगातार प्रयास कर रहे थे। हालांकि, पानी के तेज दबाव के कारण आखिरकार बांध टूट ही गया। नवगछिया में लगातार बांध टूटने की इन घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता काफी बढ़ा दी है। लोगों को अब गांवों में बाढ़ का पानी फैलने और बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका सता रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध को बचाने के लिए रात में ग्रामीण अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहे थे, लेकिन तेज पानी के दबाव के कारण आखिरकार बांध कट गया।
युद्धस्तर पर मरम्मत के निर्देश, मंत्री-डीएम ने लिया जायजा
कलबलिया बांध टूटने की सूचना मिलते ही पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र और जिलाधिकारी अलंकृता पांडे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जल्द से जल्द बांध को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने जानकारी दी कि कुल तीन अलग-अलग जगहों पर बांध टूटने की घटनाएं सामने आई हैं।
गोपालपुर के ब्रह्मोत्तर बांध को एक जगह पर पहले ही रिस्टोर कर लिया गया है। वहीं, रंगरा के बैसी में पुराने रेलवे बांध के टूटने के बाद उसकी मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी के अनुसार, इन दोनों जगहों पर बांध को दो से तीन घंटे के भीतर दुरुस्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने सभी प्रभावित स्थानों पर युद्धस्तर पर काम कर बांध को जल्द से जल्द रिस्टोर करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।







