Muzaffarpur BDO Bail: मुजफ्फरपुर में पत्नी अमृता कुमारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप में जेल में बंद दरभंगा के जाले प्रखंड के तत्कालीन बीडीओ मनोज कुमार की मुजफ्फरपुर कोर्ट में जमानत अर्जी पर सुनवाई पूरी हो गई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में इस मामले की सुनवाई पूरी हुई, जिसके बाद न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब जल्द ही इस पर फैसला आने की उम्मीद है।
मनोज कुमार को पुलिस ने आठ जुलाई को हिरासत में लिया था। उनकी ओर से दाखिल की गई पहली जमानत अर्जी को एसीजेएम-आठ के न्यायालय ने पहले ही खारिज कर दिया था। इसके बाद, बीडीओ ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय का रुख किया था, जहाँ मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई।
जेल में बंद पूर्व बीडीओ मनोज कुमार के विरुद्ध मिठनपुरा पुलिस ने एसीजेएम-आठ के न्यायालय में पांच अक्तूबर को चार्जशीट दायर की थी। इस आरोप पत्र में उन पर पत्नी अमृता कुमारी को आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, पुलिस इस मामले की पूरक जांच अभी भी जारी रखे हुए है।
यह मामला पिछले तीन जुलाई का है, जब मिठनपुरा थाने के कन्हौली मोहल्ला स्थित घर से जाले के तत्कालीन बीडीओ मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी का शव बरामद हुआ था। मृतका के परिजनों ने पूर्व बीडीओ पर दस लाख रुपये दहेज के लिए प्रताड़ित करने और जहर देकर हत्या करने का इल्जाम लगाते हुए मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस प्रकरण में बीडीओ के साथ एक महिला दारोगा को भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में न्यायालय ने उन्हें पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया था। अब सभी की निगाहें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय पर टिकी हैं, जहाँ से मनोज कुमार की जमानत अर्जी पर अंतिम फैसला आना बाकी है।







