Patna Child Kidnapping: राजधानी पटना में एक साल के बच्चे की चोरी का मामला अब गहराता जा रहा है. पुलिस ने उस शातिर गिरोह की पहचान कर ली है, जिसने पटना जंक्शन से इस वारदात को अंजाम दिया था, लेकिन बेगूसराय निवासी दंपती का लाडला अभी तक बरामद नहीं हो सका है. चौंकाने वाली बात यह है कि इसी गैंग ने वैशाली जिले में भी एक नवजात को चुराया था और वैशाली पुलिस भी लंबे समय से इनकी तलाश में जुटी है. इस दोहरी चुनौती से निपटने और बच्चे की सकुशल वापसी के लिए रेल पुलिस ने छह विशेष टीमें गठित की हैं, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं.

बाबा के वेश में था पुरुष, महिला का चेहरा ढका
सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के बाद पुलिस के सामने कई अहम सुराग आए हैं. फुटेज में साफ दिख रहा है कि पटना जंक्शन से बच्चे की चोरी एक पुरुष और एक महिला ने मिलकर की थी. वारदात को अंजाम देने के दौरान पुरुष ने बाबा यानी साधु का वेश धारण कर रखा था, जबकि महिला ने अपना चेहरा पूरी तरह से ढंक रखा था. घटना को अंजाम देने के बाद दोनों शातिर अपराधी बच्चे को लेकर गुलजारबाग की ओर निकल गए थे. पुलिस को दोनों की तस्वीरें भी हाथ लगी हैं, जिससे उनकी तलाश में तेजी आई है.

दशहरा घूमने आए थे दंपती, ट्रेन का इंतजार करते हुए सो गए
यह पूरी घटना बीते 23 अक्टूबर की है, जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया है. बेगूसराय निवासी सुधीर कुमार अपने परिवार के साथ पटना में दशहरा का मेला घूमने आए थे. वापस लौटने के लिए वे ट्रेन का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान जब परिजनों की आंख लग गई, तो बदमाशों ने इस मौके का फायदा उठाकर उनके एक साल के बेटे को चुरा लिया. परिवार अभी भी अपने बच्चे की वापसी का इंतजार कर रहा है और पुलिस पर जल्द बरामदगी का दबाव है.
छह टीमें बिहार और दूसरे राज्यों में कर रहीं छापेमारी
इस गंभीर मामले में रेल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल छह विशेष टीमों का गठन किया है. इन टीमों को बच्चे की सकुशल बरामदगी और अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा गया है. ये टीमें केवल बिहार के भीतर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे और बच्चे को उसके परिवार के पास लौटा दिया जाएगा.







