Tej Pratap Yadav: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री पटना पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। तेजप्रताप यादव को शहर में दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गांधी मैदान इलाके में हुई हिंसा और पुलिस पर हमले के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में गांधी मैदान थाने में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने इस घटना के संबंध में तेजप्रताप यादव के अलावा 208 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। गांधी मैदान और कोतवाली थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।






पुलिस पर हमला और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप
गांधी मैदान थाने में दर्ज प्राथमिकी में पुलिस पर हमला, पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और थानाध्यक्ष को घायल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के बयान पर तेजप्रताप यादव के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, दूसरी प्राथमिकी गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा के बयान पर दर्ज हुई है। पुलिस का दावा है कि हंगामे के दौरान थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा के पैर में चोट लगी थी।
सेंट्रल मॉल से पकड़े गए तेजप्रताप, एसएसपी ने की पुष्टि
गांधी मैदान इलाके में हंगामा, पथराव और पुलिस वाहन को पलटने की घटना के बाद तेजप्रताप यादव को पहले हिरासत में लिया गया था। हालांकि, कुछ देर बाद ही वे थाने से निकल गए थे। इसके बाद पटना पुलिस ने उनकी सघन खोजबीन शुरू की। पुलिस ने उन्हें फ्रेजर रोड स्थित सेंट्रल मॉल से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने उन्हें एक गुप्त जगह पर रखा है।
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, ‘तेजप्रताप यादव को दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।’ उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में कुल 209 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सभी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
इस गिरफ्तारी से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।








