Bihar Police: बिहार में पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन और उपद्रव की आशंकाओं के बीच दरभंगा जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। शनिवार को बिहार बंद के आह्वान के बावजूद दरभंगा जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। सुबह सात बजे से देर शाम तक डीएम कौशल कुमार, एसएसपी जगरनाथ रड्डी जलरड्डी, ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी और सहायक समाहर्ता कल्पना रावत लगातार कानून-व्यवस्था की निगरानी करते रहे। शाम होते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर में फ्लैग मार्च निकालकर आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।







दरभंगा में पुलिस का बड़ा एक्शन: डिप्टी मेयर नाजिया हसन पर FIR, बैठक से निकलीं तो एसएसपी बोले- ‘गिरफ्तारी तय!’
एसएसपी जगरनाथ रड्डी जलरड्डी ने पूरे दिन मुस्तैदी से ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की बात कही। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन से जुड़ी मांगों पर भले ही फैसला हो गया हो, लेकिन कोई भी अति-उत्साह में कानून-व्यवस्था भंग न करे, इस पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। लगातार तीन दिनों तक सड़क पर रहकर जिस तरह जिला प्रशासन और पुलिस ने हालात पर नियंत्रण बनाए रखा, उससे जिले में शांति कायम रही और आम लोगों के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। इस दौरान सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी, एसडीओ कुमार गौरव, एसडीपीओ 1 राजीव कुमार, लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार सहित शहरी क्षेत्र के सभी थानाध्यक्ष और वज्रा पुलिस मौजूद रहे।

डिप्टी मेयर नाजिया हसन पर शिकंजा: बैठक में पहुंचीं, गिरफ्तारी से पहले निकलीं
सीएनजी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और पथराव मामले में नामजद डिप्टी मेयर नाजिया हसन को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। पुलिस ने उन्हें इस मामले में आयोजक के रूप में नामजद किया है, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग लगातार उठ रही है। इसी बीच शनिवार को नगर निगम बोर्ड की बैठक में भाग लेने के लिए डिप्टी मेयर नाजिया हसन नगर निगम पहुंचीं। उनकी मौजूदगी की सूचना मिलते ही बिहार पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन बैठक समाप्त होने से ठीक पहले ही वह वहां से निकल गईं। इस कारण पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी।

भाजपा ने मांगा इस्तीफा, एसएसपी बोले- ‘किसी को नहीं बख्शेंगे’
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा है कि जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया है, तो हिंसा के मामले में नामजद और संवैधानिक पद पर रहते हुए आंदोलन का नेतृत्व करने वाली डिप्टी मेयर को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, ‘हिंसा मामले में जिन-जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। एफआईआर में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।’
पुलिस के इस बयान से साफ है कि डिप्टी मेयर नाजिया हसन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज किया जाएगा। जिला प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।









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